बदायूं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय आह्वान पर जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल एडीएम प्रशासन रेनू सिंह से मिला। उन्होंने आगामी बजट में व्यापारी हितों के बिंदु को शामिल करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि बाढ़ में व्यापारियों का जो नुकसान हो रहा है। व्यापारी विभिन्न प्रकार के कर देकर सरकार को चलाने में सहयोग करता है। इसलिए बाढ़ में हो रहे नुकसान का आंकलन कर व्यापारियों को मुआवजा दिया जाए। बढ़ती हुई महंगाई को ध्यान में रखकर नगद लेनदेन की सीमा बढ़ाकर एक लाख करने की व आयकर में छूट की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख करने की मांग की। आयकर व जीएसटी देने वाले व्यापारियों के परिवार के लिए शिक्षा व स्वास्थ्य की मुफ्त व्यवस्था की जाए। जिला महामंत्री संजीव आहूजा ने बताया कि जीएसटी का सरलीकरण कर जीएसटी के दरों में विभिन्नताएं समाप्त की जाएं। जीएसटी की तरह 0 ,5, 12 व अधिकतम 18 प्रतिशत रखे जाएं।
दैनिक इस्तेमाल की चीज जैसे अनाज, गेहूं, चावल, दाल, आटा, कपड़ा आदि से जीएसटी समाप्त की जाए। 20 साल तक आयकर रिटर्न भरने वाले व्यापारियों को 40 हजार प्रति माह पेंशन दी जाए। नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि नए घरेलू व कुटीर उद्योगों को 10 साल तक जीएसटी व इनकम टैक्स से छूट दी जाए। आयकर एवं जीएसटी करदाता व्यापारी को किसी भी प्रकार से मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये, जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लांबा, नगर महामंत्री संजय रस्तोगी, प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष नरेश शंखधार आदि मौजूद रहे। संवाद