बरेली। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को डिजिटल सेवा मुहैया कराने के लिए लगाए गए हेल्थ एटीएम खुद बीमार हैं। तकनीकी खामी तो कहीं रीजेंट और स्टि्रप न होने से इनकी उपयोगिता सिर्फ वजन, बीपी, पल्स, तापमान की जांच तक सिमट कर रह गई है। कई हेल्थ एटीएम पर ताले का पहरा भी है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने शहर स्थित महिला चिकित्सालय, जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का जायजा लिया तो ये हकीकत सामने आई। पड़ताल के दौरान जिला अस्पताल में हेल्थ एटीएम बंद मिला। मौजूद स्वास्थ्यकर्मी ने तकनीकी खामी की बात कही। महिला अस्पताल में हेल्थ एटीएम संचालित है, पर वह लैब के अंदर रखा है। जांच के नाम पर खानापूरी की जा रही है।
ज्यादातर मरीजों को इसकी जानकारी ही नहीं है। लैब टेक्नीशियन के बजाय डाटा एंट्री ऑपरेटर पर हेल्थ एटीएम के संचालन की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि रीजेंट और स्टि्रप आदि उपलब्ध नहीं होने से हेल्थ एटीएम से सिर्फ शारीरिक तापमान, ब्लड प्रेशर, वजन, कद से संबंधित रोजाना एक-दो जांचें ही हो रही हैं। माहभर में कितनी जांचें हुईं, इसका ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिथरी चैनपुर में सालभर पहले हेल्थ एटीएम लगा था। शुरुआत में रोज 20-25 जांचें होती थीं। अब रीजेंट और स्टि्रप न होने से सिर्फ बीपी, वजन, तापमान और पल्स की ही जांच हो रही है। फतेहगंज पश्चिमी, बहेड़ी, क्यारा, भमौरा के लंगूरा और बिलौरी केंद्र के हेल्थ एटीएम में रोज 30-40 जांच होने का दावा स्वास्थ्यकर्मी ने किया। हालांकि, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा सका। बताया कि, रिकॉर्ड सीधे मशीन में ही दर्ज होता है। ब्यूरो