बरेली। आंधी और बारिश से सुस्त पड़े एसी के बाजार में 40 डिग्री के पार पहुंचे तापमान ने गर्माहट लाैटा दी है। हालांकि, जीएसटी की संशोधित दर और कंपनियों की स्कीम के बाद भी ग्राहकों को एसी खरीदने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है।
इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी हरीश अरोरा के मुताबिक, 28 अप्रैल से 15 मई तक आंधी-बारिश जारी रही। एसी के बाजार में मई के दूसरे पखवाड़े से तेजी आई है। अनुमान के मुताबिक, रोजाना जिले में डेढ़ सौ एसी की बिक्री है। शोरूम और ऑनलाइन ऑर्डर मिलाकर आंकड़ा ढाई सौ पहुंच रहा है।
कहा कि कारोबार अभी बीते साल के सापेक्ष नहीं पहुंचा है। गर्म हवा के थपेड़ों के बीच अगर कीमतों से राहत मिलती तभी कारोबार में और तेजी की उम्मीद थी। कहा कि बीते साल डेढ़ टन इन्वर्टर एसी 27-28 हजार का था, अब कीमत 30 से 31 हजार रुपये तक है।
प्रीमियम मॉडल में तीन से चार हजार रुपये तक का अंतर आया है। कंपनियां एक्सचेंज ऑफर और नो-कॉस्ट ईएमआई देकर ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल ईएमआई पर एसी की खरीद बढ़ी है। पुराने मॉडल शुरुआत में ही बिक गए। नए मॉडल पर नई प्राइस दर्ज है।
इसलिए बढ़ी लागत
कारोबारी नीरज अरोरा के मुताबिक, एसी निर्माण में कॉपर, एल्युमिनियम, स्टील, प्लास्टिक ग्रेन्यूल, कंप्रेसर, रेफ्रिजरेंट गैस और इलेक्ट्रॉनिक चिप का प्रयोग होता है। कई उत्पाद विदेश से आयात होते हैं। युद्ध के चलते शिपिंग खर्च, कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के सापेक्ष कमजोर होते रुपये से लागत बढ़ी है। कॉपर, एल्युमिनियम के दाम बढ़ने से कंप्रेसर और कूलिंग पाइप महंगे हुए हैं। रेफ्रिजरेंट गैस और माइक्रो चिप की कीमतों में भी उछाल आया है। इसका सीधा असर जीएसटी जोड़कर एसी की अंतिम कीमत पर पड़ रहा है।
कूलर बिक्री में तेजी, नया स्टॉक मंगाने की नौबत
बरेली इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रेक्टर्स एंड मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक संजीव चांदना के मुताबिक, बारिश और आंधी से अप्रैल और मई की शुरुआत में कूलर कारोबार प्रभावित रहा। कई कारोबारियों का स्टॉक गोदाम में पड़ा रहा। अब गर्मी तेज होने और उमस बढ़ने के साथ कूलर की बिक्री भी तेज हो गई है। बाजार में छोटे कूलर पांच हजार से शुरू होकर बड़े डेजर्ट कूलर 15 हजार रुपये तक बिक रहे हैं। बिक्री करीब दोगुनी हुई है।