नवाबगंज। हत्या के आरोपी के थाने से फरार होने के मामले में दरोगा और मुंशी समेत तीन पुलिस कर्मियों के निलंबन के बाद थाने के सारे पुलिस वालों ने इंस्पेक्टर सुरेंद्र पचौरी के खिलाफ विद्रोह का बिगुल बजा दिया। शनिवार देर रात सीओ के पास पहुंचे पुलिस वालों ने इंस्पेक्टर के साथ काम करने से इनकार करते हुए मांग की कि उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया जाए। थाने में इंस्पेक्टर के खिलाफ विद्रोह से अफसर भी सकते में आ गए। रात तीन बजे नवाबगंज पहुंचे एसपी देहात ने कई घंटों की बातचीत के बाद बमुश्किल पुलिस वालों को शांत किया।
इंस्पेक्टर सुरेंद्र पचौरी की नवाबगंज में तैनाती के बाद पिछले चार महीनों में उन पर लगातार पुलिस वालों के मानसिक और आर्थिक शोषण के आरोप लगते रहे हैं। बृहस्पतिवार को सुबराती हत्याकांड के आरोपी बन्ने शाह के थाने से फरार हो जाने के मामले में अफसरों ने थाने के दरोगा राकेश कुमार और मुंशी राजेंद्र को निलंबित किया तो इंस्पेक्टर की कार्यशैली के खिलाफ पूरे स्टाफ का गुस्सा भड़क उठा। शनिवार की शाम से ही स्टाफ में इंस्पेक्टर के खिलाफ बगावत की सुगबुगाहट शुरू हो गई और फिर देर रात सारे पुलिस वालों ने इंस्पेक्टर के साथ काम करने से इनकार कर दिया। तमाम पुलिस वाले सीओ के पास पहुंचे और उनसे उन सबको पुलिस लाइन भिजवा देने की मांग की। सीओ के जरिये मुख्यालय पर उच्चाधिकारियों तक यह मामला पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
मामले की संवेदनशीलता के कारण एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने रात को तीन बजे ही एसपी देहात डॉ. संसार सिंह को नवाबगंज रवाना कर दिया। एसपी देहात ने थाने पहुंचने के बाद सुबह साढ़े पांच बजे तक गुस्साए पुलिस वालों से बातचीत की। कई बार उन्हें हड़काया तो पुलिस के अनुशासन की भी दुहाई दी। पुलिस वालों ने उनके सामने भी इंस्पेक्टर के साथ काम करने से इनकार करते हुए पुलिस लाइन भेजने की मांग दोहराई तो गोरखपुर तबादला करा देने की भी चेतावनी दी। एसपी देहात ने इस दौरान इंस्पेक्टर को भी अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी। पुलिस कर्मियों के शांत होने के बाद उनके बयान दर्ज किए और फिर मुख्यालय लौट गए।
पुलिस कर्मियों का दर्द.. 20-20 घंटे ड्यूटी और ऊपर से कार्रवाई
शनिवार रात के घटनाक्रम के बाद रविवार सुबह कोतवाल का लहजा बदला दिखा। उन्होंने अपने कक्ष में दिन भर एक-एक हल्के के दरोगा और सिपाहियों को बुलाकर बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों के निर्देश पर इंस्पेक्टर नाराज पुलिस वालों को मनाने में जुटे रहे। हालांकि पुलिस वालों ने इस बीच यह भी आरोप लगाया कि रोजाना 20-20 घंटे की ड्यूटी के बाद भी उन पर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि कोतवाल की रिपोर्ट के आधार पर पिछले दो महीने में ही थाने के कांस्टेबल रजत चौधरी, राजकुमार, हेडमोहर्रिर राजेन्द्र प्रसाद, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, चौकी इंचार्ज दिगंबर सिंह, होमगार्ड घासीराम समेत कई पर कार्रवाई हो चुकी है।
मेस का उद्घाटन करने नहीं आए एसएसपी
कोतवाली में नवनिर्मित भोजनालय का रविवार को एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय को शुभारंभ करना था। निर्माण पूरा होने के बाद भोजनालय को हाल ही में रंगरोगन कराकर उद्घाटन के लिए तैयार किया गया था और उस पर शिलापट भी लगा दिया गया था लेकिन थाने में पुलिस वालों की बगावत करने की घटना के बाद एसएसपी नवाबगंज नहीं पहुंचे। हालांकि बताया गया कि एसएसपी कहीं और व्यस्त थे। शाम को उद्घाटन की औपचारिकता के बगैर ही मेस में खाना बनना शुरू हो गया।
ऑडियो क्लिप से चर्चित हुए थे पचौरी
शीशगढ़ थाने का प्रभारी रहते हुए सुरेंद्र पचौरी छह महीने पहले तब चर्चा में आए थे जब एलएलबी के छात्र इरशाद ने खेतों मे जल रही पराली का वीडियो डीजीपी को ट्वीट कर दिया था। लखनऊ से जब पचौरी को ट्वीट पर कार्रवाई के लिए कहा गया तो उन्होंने इरशाद को फोन पर जमकर गालियां सुनाते हुए उसे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। ऑडियो वायरल होने के बाद डीजीपी ने पचौरी को लखनऊ तलब किया था। डीजीपी के आदेश पर उन्हें लाइनहाजिर किया गया। दोबारा चार्ज मिलने के बाद वह फिर विवादों में घिर गए।
सप्ताह भर पहले महिला थाने में भी भड़का था गुस्सा, स्टाफ ने अफसर पर लगाए थे आरोप
सप्ताह भर पहले ही शहर में महिला थाने की एक अफसर के खिलाफ भी स्टाफ भड़क गया था। तमाम स्टाफ ने एक साथ अफसर पर बदसलूकी और बेवजह दबाव बनाने का आरोप लगाया तो अफसरों ने सीओ को जांच सौंप दी थी। स्टाफ ने इसके बाद सीओ पर भी एकतरफा जांच करने का आरोप लगा दिया था। यह जांच अब तक चल रही है।
नवाबगंज के इंस्पेक्टर और उनके स्टाफ में मामूली मनमुटाव था। अधिकारियों के निर्देश पर मैंने रात में जाकर सभी से बात की और स्टाफ को समझा दिया। इंस्पेक्टर को चेतावनी भी दी है कि स्टाफ से ठीक व्यवहार रखें वर्ना कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात