असली-नकली की जंग में प्रधानों के दो गुट सोमवार को कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट के सामने ही भिड़ गए। दोनों संगठन धरना प्रदर्शन करने आए थे। इससे वहां अफरातफरी मच गई। जैसे-तैसे मामला सुलटाया गया।
राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की जिलाध्यक्ष और भगवानपुर धीमरी की प्रधान किरन पटेल की अगुवाई में सोमवार को प्रधान धरना देने सेठ दामोदार स्वरूप पार्क पहुंचे थे। सभी प्रधानों ने 14 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। इसके बाद ज्ञापन देने की बारी आई तो प्रधानों में खींचतान शुरू हो गई। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष प्रेमवीर सिंह ने अपने संगठन को असली बताकर सिटी मजिस्ट्रेट को अलग से ज्ञापन सौंपा तो प्रधान आपस में ही उलझ गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें शांत कर ज्ञापन लिया और कहा कि दोनों ही असली संगठन हैं। इससे पहले 14 वें वित्त आयोग की धनराशि खर्च करने की गाइड लाइन न मिलने, ग्राम पंचायतों की प्रति बैठक खर्च को पांच हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने, प्रधानों की आकस्मिक खर्च सीमा एक हजार से बढ़ाकर 10 हजार करने आदि की मांग की गई। इसके अलावा शस्त्र लाइसेंस में प्रधानों को प्राथमिकता देने को भी कहा गया। प्रधानों ने 26 सितंबर को लखनऊ में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी। इस मौके पर नगमा खातून, प्रदीप यादव, शबाना अंसारी, मुन्नालाल, जागीर सिंह, जगदीश, सगरिन, धर्मपाल, रजनी, माया देवी आदि मौजूद रहे।