बरेली। स्पोर्ट्स स्टेडियम में पिछले वर्ष करीब 10 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ सिंथेटिक ट्रैक खिलाड़ियों के लिए मील का पत्थर साबित जरूर हुआ है, लेकिन इसमें कुछ बुनियादी कमियां अभी भी हैं जो खिलाड़ियों के अभ्यास में बाधा हैं। ट्रैक ने जहां एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को अभ्यास का बेहतर अवसर दिया है और प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी में बरेली जिले व मंडल का दबदबा भी रहा है, लेकिन प्रतियोगिताओं में उपकरण उधार लिए गए हैं।
जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने बताया कि हैमर थ्रो, डिस्कस थ्रो आदि स्पर्धाओं के उपकरण व केज उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण वह जिले में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी नहीं ले पा रहे हैं। उनका कहना है कि बरेली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके लिए उपकरणों और तकनीकी मानकों का पूरा होना जरूरी है। इसके अलावा पांच किमी, 3000 मीटर स्टीपल चेस स्पर्धा के खिलाड़ी ने अपनी स्पर्धा से जुड़े हर्डल की कमी को अभ्यास में बाधा बताया है।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी चंचल मिश्रा ने बताया कि आवश्यक सुविधाओं को लेकर प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इसकी स्वीकृति मिलते ही कार्यदायी संस्था की ओर से कार्य किया जाएगा। संवाद