बरेली। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में सगे भाई भुता थाना क्षेत्र के गांव कंजा चकरपुर निवासी राजवीर और मनोज यादव को दोषमुक्त करार दिया है।
भुता थाना क्षेत्र के गांव कंजा चकरपुर निवासी नन्ही देवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 14 अक्तूबर 2014 को वह अपने बेटे राम नारायण के साथ धान की फसल काटने खेत पर गई थीं। वहां गांव के राजवीर और मनोज उनके खेत में जानवर चरा रहे थे और घास काट रहे थे। जब नन्ही देवी ने इसका विरोध किया, तो राजवीर ने उन्हें जातिसूचक गालियां देना शुरू कर दिया। मनोज ने दरांती से और राजवीर ने लाठी से हमला कर दिया।
जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों में प्रधानी के चुनाव की रंजिश का मामला सामने आया। कुछ गवाहों के बयानों में विरोधाभास भी रहा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
एनडीपीएस एक्ट में तीन दोषियों को कैद और जुर्माना
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी आंवला थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर गौटिया निवासी भूपराम, जगदीश और कुसुमरा निवासी होराम को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई अवधि और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। आंवला थाना पुलिस ने 31 मई 2025 को तीनों को 42 किलोग्राम डोडा के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। आरोपियों के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि दोष सिद्ध भूपराम चार माह 10 दिन, जगदीश तीन माह 15 दिन और होराम चार माह तीन दिन कारागार में रह चुके हैं। उनका यह पहला अपराध है और वह जुर्म स्वीकार कर चुके हैं। दोषियों ने कम से कम सजा की याचना की।
एनडीपीएस एक्ट में दोषी को दो माह 13 दिन की कैद, 10 हजार रुपये का जुर्माना
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश सिंह ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी बदायूं के थाना दातागंज के गांव हंसीगंज निवासी केसरीनाथ को दो माह 13 दिन की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक माह अतिरिक्त कारागार में रहना होगा। भमोरा थाना पुलिस ने केसरीनाथ को 31 मई 2025 को कुढ़ी मोड़ के पास से एक किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी ने जुर्म स्वीकार कर लिया और कम से कम सजा की मांग की। उसने बताया कि वह दो माह 13 दिन जेल में रह चुका है। अदालत ने उसे जेल में बिताई अवधि और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।
गैंगस्टर एक्ट में दो आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट संतोष कुमार यादव ने गैंगस्टर एक्ट में आरोपी बहेड़ी थाना क्षेत्र के आमखेड़ा निवासी सगीर उर्फ सगीरा और आमडंडा निवासी आरिफ को दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए, लेकिन उनके बयानों में विरोधाभास रहा। बहेड़ी थाने में तैनात तत्कालीन एसआई वेद प्रकाश गुप्ता ने 14 मई 2020 को सगीर और आरिफ के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी, लेकिन गैंगचार्ट बनाने में भी कोर्ट ने लापरवाही पाई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को दाेषमुक्त करार दिया।
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आपत्तिजनक पोस्ट का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर आरोपी अधिवक्ता को दी जमानत
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता की पत्नी के संबंध में व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक पोस्ट करने और विवाद के दौरान मारपीट के आरोपी को सशर्त जमानत दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने रजत आर्या की जमानत अर्जी पर दिया है।
बरेली के बारादरी थाने में शिकायतकर्ता ने तीन जुलाई 2026 को आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रयास, छेड़खानी, मारपीट व धमकी देने सहित अन्य आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि आरोपी ने उसकी पत्नी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की थी। इसकी शिकायत करने उसके घर गए तो उस पर जानलेवा हमला किया गया। साथ ही पत्नी के साथ छेड़खानी की। आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की।
याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि मारपीट में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं और याची की मां को भी चोट लगी थी। याची की बहन ने शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई है। आपत्तिजनक पोस्ट का रिकॉर्ड नहीं है। सिर की चोट साबित करने वाली कोई पूरक मेडिकल रिपोर्ट भी रिकॉर्ड पर नहीं है।
आरोप लोहे की रॉड से हमला करने का है, जबकि याची की निशानदेही पर डंडे की बरामदगी बताई गई है। इसका कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। कोर्ट ने पाया कि कथित आपत्तिजनक पोस्ट का रिकॉर्ड सामने नहीं है। दोनों पक्षों की ओर से चोटें आई हैं। अन्य कई तथ्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने जमानत दे दी।