बरेली। बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के लिए शासन स्तर से स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम की संदर्शिका जारी की गई है। इसके तहत कक्षा एक के बच्चों को स्कूल की महत्वपूर्ण गतिविधियां सिखाई जाएंगी। उन्हें स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रारंभिक स्तर पर तैयार किया जाएगा। यह संदर्शिका कक्षा एक के शिक्षकों के लिए जारी की गई है। शिक्षकों को हर दिन क्लास में जाने से पहले संदर्शिका पढ़कर जाने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक विजय किरन आनंद और सचिव दीपक कुमार ने यह संदर्शिका जारी की है। यह मॉड्यूल कक्षा एक के बच्चों के लिए शुरूआती 12 सप्ताह तक चलाया जाएगा। इस दौरान बच्चों के दिमागी विकास को ध्यान में रखते हुए यह मॉडल तैयार किया गया है।
इस तरह कराई जाएगी तैयारी
शिक्षक संदर्शिका के तहत बच्चों के दिन के समय को छह सर्कल में बांटा जाएगा। पहला घंटा मार्निंग सर्कल टाइम इसमें बच्चों का स्कूल में स्वागत करना, उन्हें आपस में बातचीत के लिए समय देना, व्यायाम और स्वास्थय जांच आदि शामिल होंगे। इसके तहत बच्चों को दिन भर की गतिविधियों के लिए तैयार किया जाएगा।
दूसरे घंटे को स्वतंत्र खेल नाम दिया गया है। इसमें बच्चों को इनडोर खेल की गतिविधियां कराई जाएंगी। इसके लिए कक्ष के अलग-अलग भागों में निर्माण, जोड़-तोड़, कलाकारी, कहानी आदि के कोने जोड़ने का अवसर दिया जाएगा। इस दौरान शिक्षक बच्चों के साथ मौजूद रहेंगे।
तीसरा घंटा भाषा और साक्षरता का होगा। इस भाग में बच्चों को मौखिक रूप से भाषा की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान ध्वनि जागरूकता, सामाजिक और भावनात्मक विकास, लोगोग्राफिक पठन और लेखन आदि के विकास पर काम किया जाएगा। इसमें सप्ताह के छह दिनों के हिसाब से अलग-अलग गतिविधि शामिल की गई है।
चौथे घंटे में बच्चों में चित्रकला के विकास, उभरते लेखन, अभिव्यक्ति कौशल, मांसपेशियों के विकास और मोटर स्किल्स के विकास पर काम किया जाएगा। पांचवें सत्र में गणित के बुनियादी दक्षताएं देने के साथ ही बच्चों को आस-पास के परिवेश की जानकारी दी जाएगी।
छठे घंटे में बच्चों में टीम भावना, मनोरंजन, अभिव्यक्ति आदि के विकास के लिए आउटडोर खेल कराए जाएंगे। सातवां घंटा गुडबाय सर्कल का होगा। इसमें दिन भर की गतिविधियों की पर चर्चा की जाएगी। अगले दिन के काम की योजना बनाने के साथ-साथ अलग-अलग पहलूओं पर काम किया जाएगा।
अलग-अलग चरणों में चलेगा साप्ताहिक प्लान- मार्निंग सर्किल टाइम में हर दिन स्वागत गतिविधि, पीटी, प्रार्थना, आदि करने के लिए समय रहेगा। इसके साथ ही बच्चों को बातचीत के लिए भी समय दिया जाएगा।
सोमवार को-
प्लान के तहत सोमवार को बच्चों को कागज की सहायता से जोड़-तोड़कर अलग-अलग आकृतियों के बारे में बताना, चित्रों की सहायता से मांस-पेशियों आदि के बारे में बताना, अभिवादन के तरीके सिखाना, पशु-पक्षियों की आवाज पहचानना, कहानी के माध्यम से सीखना आदि शामिल किया जाएगा।
मंगलवार को-
मंगलवार को कक्ष में चारों ओर रखी गई सामग्रियों की मदद से सर्वागीण विकास करना शामिल होगा, साथ ही कविता सिखाना और सरल चर्चा करना, कहानी सुनकर चीजों को समझना और बिगबुक से पढ़ना-सिखाना शामिल रहेगा। इसमें मांस-पेशियों के विकास, वस्तुओं को पहचानना, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा।
बुधवार को-
बुधवार को स्वतंत्र खेल के बाद, कविता से तुकांत शब्द पहचानना और बनाना, कहानी के बारे में बात करना, बच्चों की छोटी मांस-पेशियों का विकास, आकृतियों को पहचान कर क्रम से लगाना और उनका वर्गीकरण करना, जिग-जैग खेलना और बच्चों का सामाजिक और भावनात्मक विकास शामिल रहेगा।
बृहस्पतिवार को-
बृहस्पतिवार को कक्षा में मौजूद सामग्री के जरिए बच्चों के सर्वागीण विकास पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ कविता की मदद से तुकांत शब्द पहचानना और बनाना, चित्र के बारे में अपनी भाषा में बात करना, कम और ज्यादा का अनुमान लगाना सिखाना, मोटर स्किल और संज्ञानात्मक विकास पर ध्यान देना शामिल होगा। साथ ही बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
शुक्रवार को-
शुक्रवार को कक्षा में उपस्थित खेल सामग्रीयों के माध्यम से बच्चों का सर्वागीण विकास करना, कहानी सुनकर समझना और सरल चर्चा करना, किताबों को उलटना-पलटना और अनुमान लगाना, बच्चों में कल्पनाशीलता का विकास, वस्तुओं को स्पर्श करके चिकने और खुरदुरे होने की पहचान करना, मोटर स्किल और संज्ञानात्मक विकास करना शामिल है। इस दौरान बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।
शनिवार को-
शनिवार को स्वतंत्र खेल के साथ ही बच्चों की सप्ताह भर की गई गतिविधियों का अवलोकन करना शामिल होगा। इस दिन सप्ताह में कराई गई महत्वपूर्ण गतिविधियां दोहराई जाएंगी और शिक्षक उनका अवलोकन करेंगे। पोर्टफोलियो पर बच्चों के कामों को दर्ज किया जाएगा। बच्चों को स्पर्श की पहचान, और आकृति पहचान सिखाई जाएगी। साथ ही बच्चों को शारीरिक और मानसिक विकास पर ध्यान दिया जाएगा।