अधिकारियों की नाक के नीचे हुआ था खाद्यान्न घोटाला
जिले में हुआ राशन घोटाला जिले के आला अधिकारियों की नाक के नीचे हुआ। सबसे ज्यादा मामले में सदर तहसील के सामने आए। पूर्ति विभाग के मुताबिक 18 मई 2013 से लेकर 17 मई 2017 पूर्ति अधिकारी के पद पर केएल तिवारी व 19 मई 2017 से लेकर 12 जुलाई 2021 तक सीमा त्रिपाठी तैनात रही थीं। इन्हीं दोनों के कार्यकाल में यह फर्जीवाड़ा हुआ।
एजेंसी जांच के दौरान तत्कालीन अधिकारियों की जांच भी की जा रही है। माना जा रहा है कि विभाग के अधिकारियों व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा घोटाला होना संभव नहीं है। जिले में पूर्ति विभाग के तैनात अधिकारी व कर्मचारी राशन घाेटाले को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जो हुआ वह उस समय यहां तैनात नहीं थे।