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रसोई में राशन, फ्रिज में फल ...फिर मांगा मुफ्त का राशन

Thu, 09 Apr 2020 04:28 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
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राशन की दुकान पर भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन में गरीबी के नाम पर अपात्र मुफ्त राशन के लिए सरकार के आगे हाथ फैलाने से बाज नहीं आ रहे। मंगलवार को एसडीएम सदर ने हरूनगला में एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा, जिसके घर की रसोई में आटा-चावल भरा था। फ्रिज में फल भी रखे थे। एसडीएम ने जब रसोई का वीडियो बनाया तो फूड सप्लाई करने वाली कंपनी का डिलीवरी ब्वॉय रोने लगा। एसडीएम ने उसे दोबारा ऐसी हरकत करने पर जेल भेजने की चेतावनी दी।

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एसडीएम सदर ने इससे पहले भी दो मामले पकड़े थे। एक व्यक्ति के पिता को 30 हजार पेंशन मिली है और दूसरे के पास दोमंजिला मकान है। फिर भी उन्होंने मुफ्त का खाना खाने के लिए कंट्रोल रूम में गलत सूचना दर्ज कराई थी। इन दोनों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को प्रशासन के कंट्रोल रूम में हरूनगला में ग्रीन पार्क के पीछे कुसुमनगर के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उसके घर का सारा राशन खत्म हो गया है।

एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह लेखपाल संजीव सिंह के साथ संबंधित व्यक्ति के घर में अचानक पहुंचे। रसोई में जाकर देखा तो पूरा कनस्तर आटे से भरा था। चावल, चीनी, दालों के साथ फ्रिज में फल भी रखे थे। यह देखकर एसडीएम भड़क उठे और रसोई का वीडियो बनाते हुए हड़काना शुरू कर दिया। इस पर युवक रोने लगा और बताया कि वह फूड सप्लाई करने वाली कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय है। एसडीएम ने दोबारा ऐसी हरकत करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल पर राशन न मिलने की गलत शिकायत भेजी
सदर तहसील के कलारी गांव के नौ लोगों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत की थी कि उनके घर में राशन नहीं है। एसडीएम ने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि इन सभी लोगों को कोटे की दुकान से कई दिन पहले ही राशन मिल चुका है। एसडीएम ने गलत शिकायत करने वालों की जमकर फटकार लगा दी।

‘महामारी में जरूरतमंद और गरीबों को अनाज-भोजन देने की जिम्मेेदारी सरकार की है, लेकिन इसकी आड़ में लोग अनुचित तरीके से फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इनसे सख्ती से निपटा जा रहा है।’
- ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर

22 बीघा खेती होने के बावजूद बोला...घर में नहीं अनाज का एक दाना

नवाबगंज के खांईखेड़ा के रहने वाले सलीम नाम के एक शख्स ने अधिकारियों को सूचना दी कि उनके घर में अनाज का एक दाना भी नहीं है। राशन देने के लिए जब अधिकारियों ने उसके घर में कर्मचारियों की टीम भेजकर चेक कराया तो पता चला कि उसके पास 22 बीघा खेती है। टीम ने जब सलीम से पूछताछ की तो वह बगले झांकने लगा। लेखपाल ने सलीम को मुफ्त में सरकारी राशन देने के लिए अपात्र बताते हुए इसकी रिपोर्ट दे दी है। इसके अलावा भी कंट्रोल रूम में इस तरह की तमाम शिकायतें आ रही है।

लॉक डाउन: करीब दो लाख लोगों को बांटा मुफ्त राशन

लॉक डाउन के बाद कोटे की दुकानों पर पहली अप्रैल से अब तक 199464 राशन कार्डों पर मुफ्त राशन बांटा गया है। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि आठ अप्रैल तक जिले में 670764 राशन कार्डों पर राशन बांटा गया है। इसमें 199464 राशन कार्डों पर मुफ्त राशन दिया गया है। इसमें ब्लॉक आलमपुर जाफराबाद में 34188, बहेड़ी में 36848, भदपुरा में 27115, भोजीपुरा में 30839, भुता में 36050, बिथरी चैनपुर में 35011, फरीदपुर में 29115, फतेहगंज पश्चिमी में 28040, क्यारा में 19643, मझगवां में 39917, मीरगंज में 26645, नवाबगंज में 43948, रामनगर में 25766, रिछा में 29195, शेरगढ़ में 37293 और शहरी क्षेत्र में 191151 लोग शामिल हैं। डीएम ने बताया कि नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र राशन पाने से से वंचित न रहे।

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