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पहले दुष्कर्म को बताया झूठा, फिर विवेचना में बढ़ाईं धाराएं

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बरेली। बारादरी थाना पुलिस गंभीर मामले दबाने और साठगांठ के चलते अक्सर सुर्खियों में रहती है। इसके चलते थाना पुलिस का एक और खेल सामने आया है। कुछ दिन पहले नशा देकर एक किशोरी के साथ हुई दुष्कर्म की घटना को पहले तो थाना पुलिस आरोपों को झूठा बताते हुए पीड़ित की आवाज दबाती रही। फिर मामला ठंडा होने पर विवेचना में दुष्कर्म और पॉक्सो की धाराएं बढ़ा दीं। मुख्य आरोपी को भी तीन दिन थाने में बैठाकर दुष्कर्म के आरोप में शनिवार को जेल भेज दिया गया।
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बारादरी क्षेत्र निवासी एक किशोरी मंगलवार रात ईंट पजाया चौराहे पर बदहवास स्थिति में मिली थी। परिजनों से संपर्क होने पर किशोरी ने अपहरण और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म होने के आरोप लगाते हुए चार नकाबपोश युवकों के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। इस पर थाना पुलिस ने मेडिकल परीक्षण का हवाला देते हुए दुष्कर्म के आरोपों को झूठा बताया था। परिजनों की लाख मिन्नतों के बावजूद पुलिस ने महज अपहरण की कोशिश बताते हुए लीपापोती कर प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। दो दिन में छानबीन कर एक आरोपी शहदाना निवासी राहुल को थाने लाकर बैठा लिया। इस बीच मामला ठंडा होने पर पुलिस ने इसमें खेल कर दिया। विवेचना के दौरान अब उसी मेडिकल परीक्षण का हवाला देते हुए मामले में दुष्कर्म और पॉस्को की धाराएं बढ़ा दी और आरोपी राहुल को शनिवार को जेल भेज दिया। पुलिस अब बाकी आरोपियों की भी पहचान करने में जुटी है।

शुरू में मामला किशोरी के अपहरण का लगा था, इसलिए उन्हीं धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। फिर विवेचना के दौरान किशोरी के बयान व मेडिकल परीक्षण में तथ्य सामने आने पर मामले में दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं गईं। - राहुल सिंह, इंस्पेक्टर बारादरी
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