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चलते ट्रक में पीछे से घुसी कार, अल्मोड़ा के रेंजर और पत्नी की मौत

Wed, 08 May 2019 12:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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demo pic - फोटो : amar ujala
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भोजीपुरा मेडिकल कॉलेज में कीमोथेरेपी कराने आ रहे अल्मोड़ा के फॉरेस्ट रेंजर और उनकी पत्नी की नैनीताल हाईवे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। बजरी भरे ट्रक के पीछे घुसी कार में रेंजर के परिचित हरियाणा निवासी आईटीबीपी जवान घायल हो गया जिसने कार में लिफ्ट ली थी। देर शाम बरेली में मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया। 

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अल्मोड़ा शहर के एनटीटी हीरा डुमरी निवासी 53 वर्षीय गोविंद सिंह विष्ट वहीं वन विभाग में विनसर रेंज के रेंजर थे। वे कैंसर से जूझ रहे थे और भोजीपुरा के मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा था। वह अक्सर कीमोथेरेपी कराने यहां आते थे। मंगलवार सुबह वो अपनी वैगनआर से अल्मोड़ा से भोजीपुरा के लिए निकले। साथ में पत्नी 48 वर्षीय माया विष्ट थीं। 

हरियाणा के जिला नारलोन के महेंद्रगढ़ थाना अंतर्गत गांव पछोत निवासी सुरेंद्र सिंह अल्मोड़ा की आईटीबीपी यूनिट में तैनात हैं। वह किसी काम से बरेली आईटीबीपी यूनिट आ रहे थे। सुरेंद्र सिंह रेंजर के परिचित थे, इसलिए उनकी कार में लिफ्ट ले ली थी। गोविंद सिंह गाड़ी ड्राइव कर रहे थे, पत्नी बगल की सीट पर तो सुरेंद्र सिंह पीछे दूसरी साइड में बैठे थे। 
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मंगलवार दोपहर 12 बजे करीब इनकी कार हाईवे पर भैरपुरा साप्ताहिक बाजार के पास पहुंची। कार के आगे चल रहे ट्रक ने अचानक साइड बदल ली। इससे तेजी से आ रही रेंजर की कार ट्रक के पीछे घुस गई। हादसे से रेंजर और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सुरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ड्राइवर ट्रक छोड़कर भाग गया।

पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही शव जिला अस्पताल की मोरचरी में रखवा दिए। शवों की काफी देर तक पहचान नहीं हो सकी। मोबाइल व अन्य चीजों से जानकारी जुटाकर सूचना दी तो करीब तीन बजे रिश्तेदार बरेली पहुंच सके। 

पढ़ाई कर रहे हैं बेटे
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिवार हादसे के बाद काफी गुस्से में थे। रेंजर की बहन पुष्पा धामी हल्द्वानी से आईं थीं। उन्होंने बताया कि भाई गोविंद विष्ट के दो बेटे मयंक और तेजस हैं जो पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें अल्मोड़ा में ही रहने को कहा है। हम लोग शव लेकर वहां जाएंगे और बुधवार सुबह अंतिम संस्कार करेंगे। वन विभाग से जुड़े परिचित भी यहां परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

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