बरेली। स्मार्ट सिटी की ओर से राइफल क्लब में सात करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज तैयार कर दी गई है, लेकिन अब तक इसका हस्तांतरण नहीं हो सका है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण इस पर ताला लटक रहा है। रेंज में लगी मशीनों के खराब होने की भी आशंका है। दूसरी ओर, निशानेबाजों को अभ्यास करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाईटेक सुविधाएं मौजूद होने के बाद भी वे पुरानी रेंज में अभ्यास कर रहे हैं। कभी-कभार यहां अफसर ही शूटिंग करते नजर आते हैं।
16 दिसंबर 2021 को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नई शूटिंग रेंज का निमार्ण शुरू हुआ था। वर्ष 2022 में इसका निर्माण पूरा हो गया, पर हस्तांतरण आज तक अटका है। अधिकारी भी इसके लिए पहल नहीं कर रहे हैं। कुछ दिन पहले 10 मीटर रेंज को खोला गया था। कुछ समय तक खिलाड़ियों ने इसमें अभ्यास भी किया।
इसके बाद 14 नवंबर को राष्ट्रीय निशानेबाज नेहा धरने पर बैठ गई थी। 17 नवंबर को एडीएम और एसडीएम ने नेहा को जांच का आश्वासन देकर नई रेंज पर ताला लगवा दिया। तब से ही खिलाड़ी राइफल क्लब में बनी पुरानी रेंज में अभ्यास कर रहे हैं। पुरानी रेंज में केवल तीन टारगेट होने की वजह से खिलाड़ियों की संख्या भी कम हो गई है। समस्याओं के समाधान के लिए राइफल क्लब के शिष्टमंडल ने मंगलवार को पत्र लिखकर मंडलायुक्त से मिलने के लिए समय मांगा है। संवाद
रेंज के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर संचालक का चयन किया जाएगा। इसके बाद रेंज खोल दी जाएगी। तब तक खिलाड़ियों को पुरानी रेंज में ही अभ्यास करना होगा। - सौम्या अग्रवाल, मंडलायुक्त