बरेली। 16 साल के किशोर धर्मेंद्र की हत्या करने का दोषी पाते हुए अदालत ने पड़ोसी रामवीर मौर्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने किया।
घटना आंवला की है। इसकी रिपोर्ट मृतक धर्मेंद्र के पिता भीकम ने आंवला थाने में लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि भीकम और रामवीर मौर्य का मकान पास-पास है। रामवीर अक्सर भीकम के घर समय बेसमय आता था, इसे धर्मेंद्र नापसंद करता था। उसने कई बार मना किया तो रामवीर उससे खुन्नस मानने लगा। सात नवंबर, 2015 को धर्मेंद्र अपने चचेरे भाई हेमराज को छोड़ने उसके गांव गया था। रात को आठ बजे लौटते वक्त रामवीर मौर्य के घर के पास से गुजरा तो रामवीर ने उसे गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर भीकम और उनके भाई यादराम मौके पर पहुंचे तो रामवीर के लड़के नीरज ने उनके ऊपर फायर कर दिया। छर्रे लगने से दोनों लोग घायल हो गए।
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील तेजपाल सिंह राघव ने कुल 10 गवाह पेश किए। अदालत ने अभियुक्त रामवीर मौर्य को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। संवाद