ऐसे होता है चयन
कॉलर संतुष्टि, पीआरवी रिस्पांस टाइम, अग्नि सुरक्षा, बलवा और अन्य गम्भीर अपराध, महिला अपराध, हत्या से सम्बन्धित अपराध, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, गुंडा और गैंगस्टर एक्ट आदि में की गई कार्रवाई की समीक्षा कर नंबर दिए जाते हैं। इसके आधार पर जिलों की रैकिंग बनती है।