बरेली। होली के अवसर पर ब्रह्मपुरी में होने वाली विश्व प्रसिद्ध रामलीला का विधिवत शुभारंभ बुधवार को लक्ष्मी-नारायण का फेरा निकाल कर किया गया। पहले दिन नारद मोह, श्रीराम जन्म और रावण जन्म की लीला का मंचन हुआ।
श्रीराम जन्म के मंचन के दौरान रामचरित मानस के बालकांड के पहले श्लोक वर्णन से किया गया। इसमें कथा व्यास गुरु मुनेश्वर दास मंच पर आते हैं। वह कहते हैं कि भगवान सब में व्याप्त हैं, उस अविनाशी को पाने के सारे सूत्र ही इस रामचरित मानस के मुख्य बिंदु हैं। इसके सुनने और अवलोकन से प्रभु की प्राप्ति निश्चित है। भगवान शिव स्वयं राम की स्तुति करते हैं और राम के ईश्वर स्वयं शिव हैं, तो ये सब भगवान की लीला का ही एक रूप है। इससे पूर्व कथा व्यास ने नारद मोह की कथा भी सुनाई।
रामलीला के मुख्य अतिथि निवर्तमान महापौर उमेश गौतम ने आरती उतार कर मख्न का शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि सह प्रमुख पंकज मिश्रा, राजकुमार गुप्ता, सुरेश रस्तोगी ने स्वरूपों को तिलक लगा कर माला पहनाकर अभिनंदन किया। अध्यक्ष सर्वेश रस्तोगी ने सभी का स्वागत किया। प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार को सीता मैया के जन्म का मंचन शाम 7 बजे से होगा। इसके बाद फूलों की होली और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान विवेश शर्मा, नीरज रस्तोगी, गौरव सक्सेना, सत्येंद्र पांडेय, संजीव रस्तोगी, सोनू पाठक, राजू मिश्रा, राजकुमार गुप्ता, पंकज पांडे आदि उपस्थित रहे।