बरेली। खतरे के निशान के करीब तक पहुंचा रामगंगा नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। दो दिनों में जलस्तर करीब दो मीटर तक घटकर 160 पर आ गया है। अफसरों के अनुसार जलस्तर अभी और नीचे आ सकता है।
दो दिन पूर्व जलस्तर 162 मीटर तक जा पहुंचा था। रामगंगा नदी के तटवर्ती 330 गांव बाढ़ से घिर गए थे। अब जलस्तर घटने पर ग्रामीणों के साथ ही प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि, पानी कम होने के साथ ही बाढ़ से बर्बाद हुई फसलें नजर आने लगी हैं। प्रभावित गांवों में रोगों के प्रसार की आशंका है। बाढ़ खंड की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को रामगंगा का जलस्तर प्रभावित करने वाली सहायक नदियों में 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इसमें हरबेली बैराज से 524, खो से 4,074, कोसी से 1,798, लालपुर बियर से 3,495, गोला से 1,126, फीका से 1,150, ढेला से 3,285, पीली डैम से 327, दूनी डैम से 4,042 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, पर जलस्तर पर कोई खास प्रभाव नहीं हुआ। इधर, बारिश भी थमी हुई है।