बरेली। साइबर ठग अब पुलिस के यूपी कॉप एप से एफआईआर डाउनलोड करके धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस एप जरिये साइबर ठग पीड़ितों की व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर उसका उपयोग धोखाधड़ी के लिए करते हैं। एसएसपी के सोशल मीडिया सेल ने बताया कि साइबर ठग एप से एफआईआर की कॉपी डाउनलोड कर लेते हैं। इसमें पीड़ित का मोबाइल नंबर पड़ा होता है। खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को कॉल करते हैं। दूसरे पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज होने की बात कहकर उनको डराया जाता है। ठग पुलिस की वर्दी पहनकर या यूपी कॉप एप दिखाकर यकीन दिलाते हैं कि वे पुलिस अधिकारी हैं। इसके बाद पीड़ित के बैंक खातों की जानकारी व ओटीपी पूछकर ठगी करते हैं। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अगर कोई आपको कॉल करके यूपी कॉप एप का नाम लेकर या खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रुपये मांगता है तो समझ जाइए कि वह कोई ठग है। तत्काल पुलिस से संपर्क करें। अपनी कोई निजी जानकारी साझा न करें।
अज्ञात कॉल या संदेश से सावधान रहें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई यूपी कॉप एप का नाम लेकर रुपये मांगता है या डराता है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। यदि आपको किसी एफआईआर के बारे में जानकारी चाहिए तो पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या निकटतम पुलिस स्टेशन में जाएं। बैंक खाते जानकारी, ओटीपी किसी को न बताएं। इसके बाद भी अगर आप ठगी का शिकार हुए हैं तो स्थानीय पुलिस, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 व cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।