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Bareilly News: रामगंगा उफान पर, मीरगंज-आंवला संपर्क मार्ग कटा, पांच हजार बीघा भूमि में फसलें जलमग्न

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किसानों की धान, उड़द, तिल की फसलें बर्बाद अलीगंज
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मीरगंज/गुलड़िया/सिरौली। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब देहात क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। मीरगंज और गुलड़िया में रामगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रामगंगा के उफान के साथ-साथ करीब पांच हजार बीघा में फसलें पानी में डूब चुकी हैं। इससे किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है। गांव गोरा हेमराजपुर रामगंगा घाट पर बने पुल की एप्रोच रोड को तेज धारा काट रही है, जिससे मीरगंज और आंवला के बीच संपर्क टूट गया है।
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तहसील प्रशासन ने इस संपर्क मार्ग पर पुलिस और राजस्व टीम को लगाकर बड़े वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। दूसरी ओर मीरगंज-सिरौली रोड पर कैलाश गिरी बाबा मढ़ी रामगंगा घाट का पुल भी खतरे में है। यहां एप्रोच रोड पर पानी चढ़ गया है, जो किसी भी समय कट सकती है। लोग जान जोखिम में डालकर वाहनों को निकाल रहे हैं। इससे बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। सिमरिया गांव के किसान गीता राम ने बताया कि आसपास के खेत जलमग्न हो गए हैं। मदनापुर से पुल तक जाने वाली सड़क पर भी पानी बह रहा है, जिससे यह मार्ग कभी भी बंद हो सकता है। रामगंगा में उफान से मीरगंज में 700 बीघा और गुलड़िया में 45 सौ बीघा में फसलें जलमग्न हो गई है।
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दो पहिया वाहन ही गुजर सकेंगे
मीरगंज तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने बताया कि गोरा हेमराजपुर पुल के पास रोड कटने से तीन व चार पहिया वाहन और बड़े वाहनों पर रोक लगा दी है। सिरौली रोड पर भी रोड बंद करने को टीम भेजी जा रही है। वैसे अभी किसी डैम से पानी छोड़े जाने की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन मुरादाबाद और बिजनौर में जलस्तर अधिक होने के कारण वहां से पानी छोड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इधर, सिरौली थानाध्यक्ष जगह सिंह ने कहा कि गुलड़िया-गोराहेमराजपुर मार्ग कट गया है। इस पर पानी आ गया है। आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग चुने।
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किसानों की धान, उड़द, तिल की फसलें बर्बाद

अलीगंज। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ से डूबकर सदर तहसील के कई गांवों में हजारों बीघा फसलें डूब गई। इसमें उड़द, तिल, धान, बाजरा समेत अन्य फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। इससे किसान काफी चिंतित हैं। बाढ़ की स्थिति से निपटने व यहां के किसानों का हाल जानने के लिए कोई अधिकारी भी नहीं आए। बाढ़ खंड के एसडीओ अमित कुमार ने बताया कि रविवार को रामगंगा का जलस्तर 160.630 गेज मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु के नजदीक है। बुधवार तक जलस्तर बढ़ने की संभावना है। किसान छोटे लाल के दो एकड़ उड़द समेत कई किसानों की भूमि जलमग्न है। संवाद

बहगुल नदी ने मोड़ा रुख, कृषि भूमि नदी में समाई

शाही। कस्बा के नजदीक बहने वाली बहगुल नदी में बाढ़ आने से नदी ने अपना रुख शाही-मिर्जापुर सड़क की ओर कर लिया। सड़क को सुरक्षित करने के लिए विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
कस्बा के पश्चिम दिशा में बहगुल नदी में बाढ़ आई हुई है। पानी के तेज बहाव के चलते नदी ने अपना रास्ता बदलकर दूसरी ओर कर लिया है। बसावनपुर के आगे मोड़ से नदी ने रास्ता मोड़ते हुए मिर्जापुर गांव की ओर रुख किया है। शाही-मिर्जापुर मार्ग नदी की मुख्य धार से बमुश्किल 50 मीटर दूर रह गया है। विगत वर्षों में नदी पुल के नजदीक बने हुए रोड को काट चुकी है। नदी के बदले हुए रुख से आशंकित पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन, जेई पूजा वर्मा, दिनेश प्रजापति रविवार दोपहर बाद मौके पर पहुंचे तथा सड़क और नदी के बीच की दूरी को खतरा बताते हुए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सड़क को बचाने के लिए शीघ्र ही जरूरी उपाय किए जाएंगे। संवाद
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