बरेली। आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी (अहसन मियां) ने रमजान शरीफ की मुबारकबाद देते हुए कहा है कि रोजेदार घर में ही नमाज पढ़ें। इस बार मुसलमानों को दोहरे इम्तिहान से गुजरना है। शरीयत पर अमल भी करना है और लॉकडाउन का पालन भी।
उन्होंने लोगों से गुजारिश की है कि मुस्लिम पांचों वक्त की नमाज अपने अपने घरों पर ही पढ़ें। नमाज-ए-तरावीह भी घर पर ही अदा करें। तरावीह मुकम्मल होने पर किसी भी तरह का कार्यक्रम न करें। खासतौर से रमजान के दौरान दिन या रात में बाहर न घूमें। रमजान और ईद से मुताल्लिक खरीद-फरोख्त के सिलसिले में हुकूमती व्यवस्था की मुकम्मल पाबंदी करें। किसी भी किस्म की दावत या इफ्तार पार्टी से परहेज करें। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखते हुए इफ्तार और सहरी के वक्त कोरोना के खात्मे के लिए दुआ करें। अल्लाह की बारगाह में इस अजाब से पनाह मांगे। गरीब रोजेदारों के अलावा मस्जिदों के इमामों और मुअज्जिन का खास ख्याल रखें। जरूरत का सामान उन्हें मुहैया कराएं। इधर, दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने दरगाह की ओर से मुबारकबाद पेश करते हुए अपील की है कि बाजारों और सड़कों पर बेवजह भीड़ इकट्ठी न करें।