बरेली। सड़कों पर छुट्टा पशुओं का रेला घूम रहा है। इसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इनमें लोगों की जान जा रही है। इसके बावजूद नगर निगम के कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। एक सप्ताह में निगम सिर्फ दो दर्जन पशुओं को ही पकड़ सका है।
सोमवार रात को दो सांड़ों की लड़ाई की चपेट में आने से मूंगफली विक्रेता कीरत की जान चली गई थी। इन छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम के पास बाकायदा कैटल कैचर गैंग है, पर कार्रवाई या अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूरी होती है। शहर के मुख्य मार्गों के साथ मोहल्लाें और कॉलोनियों में सांड़ और भैंस घूमती रहती हैं। कूड़े के ढेर पर छुट्टा पशुओं का जमावड़ा रहता है। शहर में लगातार बड़ रहे छुट्टा पशुओं की वजह उनके मालिक ही हैं। जब वे दूध देना बंद कर देते हैं तो उनके मालिक उनको छोड़ देते हैं। यह भी पशु क्रूरता अधिनियम के तहत आता है। वहीं निगम के अभियान की रफ्तार को देखते हुए लग रहा है कि इन पशुओं को पकड़ने में उसे कई साल लग जाएंगे। संवाद
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सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को पकड़ने के लिए टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। टीमें शहर का भ्रमण कर रही हैं। इस अभियान में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त