फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: बरेली में राकेश टिकैत बोले- किसानों की जमीन के पीछे पड़ी है सरकार; वोट चोरी के मुद्दे पर भी घेरा

Tue, 23 Sep 2025 06:19 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले मंगलवार को किसान महापंचायत हुई। मंडलायुक्त आवास के सामने नेहरु युवा केंद्र पार्क में आयोजित महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर जमकर निशाना साधा। 
विज्ञापन
किसान महापंचायत में राकेश टिकैत व अन्य नेता - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने किसानों को अपनी जमीन सरकार से बचा लेने पर जोर दिया। कहा कि सरकार किसानों की जमीन के पीछे पड़ी है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी के मुद्दे का समर्थन किया। कहा कि वोट चोरी तो 2013 से ही शुरू हो गई थी। पांच साल पहले ही उन्होंने कह दिया था कि सबसे पहले बिहार में वोट चोरी हुई थी। फिर यूपी और पूरे देश में वोट की चोरी हुई है।

विज्ञापन


टिकैत ने नेहरू युवा केंद्र पार्क में हुई किसान महापंचायत को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति सरकार की नीति बहुत खतरनाक है, उससे बचकर रहना। सरकार चाहती है कि किसान को खेती में नुकसान हो। वह अपनी खेती बेचें। वह अपनी जमीन से नफरत करने लगे। इसलिए किसानों को दिल्ली पर निगाह रखनी होगी। दिल्ली की कलम बेइमान है, जो किसान का भाव देती है। 

यह भी पढ़ें- UP: मौलाना शहाबुद्दीन ने आजम खां को अलग पार्टी बनाने की दी सलाह, कहा- 2027 में अखिलेश यादव को दें जवाब

विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों को एकजुट होना पड़ेगा- टिकैत 
टिकैत ने कहा कि किसानों पर फर्जी मुकदमे लगा रहे। फसलों के दाम मिल नहीं रहे, स्वामीनाथ कमेटी रिपोर्ट में टू-प्लस फिफ्टी वाला फार्मूला, उस पर कोई काम नहीं हो रहा है। किसानों को एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने विकसित भारत बनाने की राह में सवाल उठाया कि क्या किसान की जमीन लेकर उस पर हाईवे बनाने से भारत विकसित हो जाएगा? उन्होंने सड़कों पर घूम रहे छुट्टा गोवंशों के संबंध में कहा कि गोशाला के नाम पर चंदा लिया जा रहा है। गोशाला के नाम पर व्यापारियों को जमीन दी गई है और वह गाय एक पालते नहीं, उस जमीन पर धंधे कर रहे हैं। 

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि बिहार का धान 800 रुपये क्विंटल आएगा और यहां की मंडियों में बिकेगा। यहां थोड़े दिन पहले धान मंडियों में बिक रहा था, जबकि उत्पादन हो नहीं रहा तो आ कहां से रहा है? शाहजहांपुर, रामपुर, मुरादाबाद और तराई वाले क्षेत्र में जब धान खत्म हो जाता है तो भी इन क्षेत्रों में एमएसपी पर धान की खरीद होती है, कोई पूछेगा कि उस बीच में धान कहां से आ रहा है। पत्रकार वार्ता में एक सवाल के जवाब में टिकैत ने कहा कि वैचारिक क्रांति होगी। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें