जंक्शन के पास शनिवार तड़के आला हजरत से हटाया गया एसी कोच शंटिंग के दौरान डिरेल हो गया। रोजा से एमएफडी मंगवाकर इसे ट्रैक पर लाया गया। इसमें कई घंटे लग गए और इंटरसिटी चार घंटे से ज्यादा लेट हो गई। डिरेलमेंट की घटना की जांच में शंटिंग स्टाफ को दोषी पाया गया है।
सुबह करीब साढ़े तीन बजे आला हजरत ट्रेन से अलग किए गए एसी टू टायर कोच संख्या 1075 ए को कट करके इंजन यार्ड की तरफ ले जा रहा था। सुभाषनगर पुलिया के पास लाइन संख्या 26 पर प्वाइंट 16 के पास यह पटरी से उतर गया। चार पहिये डिरेल होने से जोरदार झटका लगा। सूचना पर एसएसई सर्वेश कुमार, एके त्रिपाठी और सीएलआई एके श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। तत्काल रोजा को सूचना देकर वहां से एमएफडी मंगवाई गई। करीब तीन घंटे बाद कोच को हटाया जा सका। अधिकारियों ने जांच में पाया कि कांटा नंबर 16 की काटर पिन खुली हुई थी जबकि तीसरी स्ट्रेचर बार बैंड हो गई। शंटिंग स्टाफ बिना यह देखे शंटिंग करा रहा था। अफसरों ने इसकी संयुक्त जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी। कोच की वजह से यार्ड वाला ट्रैक प्रभावित हुआ तो बरेली से रोहतक दिशा में जाने वाली इंटरसिटी करीब साढ़े चार घंटे लेट हो गई।