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UP News: बरेली में रेलवे टिकटों की कालाबाजारी के रैकेट का पर्दाफाश, आरक्षण पर्यवेक्षक गिरफ्तार

Sun, 05 Jul 2026 12:09 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में आरपीएफ ने टिकटों की कालाबाजारी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।  आरपीएफ ने मुख्य वाणिज्य सह आरक्षण पर्यवेक्षक शैलेंद्र दुबे को गिरफ्तार किया है। उस पर तत्काल टिकटों की कालाबाजारी कर लाखों रुपये हड़पने का आरोप है।
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आरपीएफ की गिरफ्त में आरोपी आरक्षण पर्यवेक्षक - फोटो : आरपीएफ
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विस्तार
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बरेली में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने टिकटों की कालाबाजारी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर मुख्य वाणिज्य सह आरक्षण पर्यवेक्षक शैलेन्द्र दुबे को गिरफ्तार किया है। आरोपी पितांबरपुर में तैनात था और उस पर तत्काल श्रेणी के टिकटों की कालाबाजारी कर लाखों रुपये हड़पने का आरोप है। इस मामले में मुंबई के टिकट दलाल रविंद्र साहू को भी वांछित किया गया है।

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मुरादाबाद मंडल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि शैलेंद्र दुबे को रंगे हाथ पकड़ा गया है। उसके पास से तीन टिकट जब्त किए गए, जिनकी कीमत 20,455 रुपये है। तलाशी के दौरान एक महंगा मोबाइल फोन और एक बैंक का डेबिट कार्ड भी मिला है।

दलाल को भेजता था तत्काल टिकटों का फोटो 
पूछताछ में शैलेंद्र ने बताया कि वह तत्काल टिकटों का फोटो मुंबई में बैठे दलाल रविंद्र साहू को व्हाट्सएप पर भेजता था। रविंद्र साहू इन टिकटों का विवरण छपवाकर यात्रियों को फर्जी विंडो टिकट के रूप में बेच देता था।
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मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के मुताबिक, यह रैकेट विशेष रूप से दूर के स्टेशनों जैसे कूच बिहार, दरभंगा आदि से बोर्डिंग वाले टिकटों पर केंद्रित था। इसके बदले में रविंद्र साहू आरोपी पर्यवेक्षक को प्रति टिकट 5000 से 7000 रुपये का भुगतान करता था। 

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डेबिट कार्ड का होता था इस्तेमाल
आरोपी ने यह भी बताया कि रविंद्र साहू ने उसे एक डेबिट कार्ड भी भेजा था जो उसकी पत्नी रेखा साहू के नाम पर था। इस कार्ड का इस्तेमाल करके शैलेंद्र रकम निकालता था और टिकट विंडो पर किराये का भुगतान करता था। बची हुई राशि का वह खुद इस्तेमाल करता था। आरोपी पर्यवेक्षक हर ड्यूटी में 2-3 तत्काल टिकट जारी करता था। 

इससे उसे प्रति दिन दस से पंद्रह हजार रुपये का लाभ होता था। वह जरूरतमंद यात्रियों को बरेली लाकर तत्काल श्रेणी के टिकट 500 से 1000 रुपये प्रति यात्री अधिक कीमत पर बेचता था। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। टिकट दलाल रविंद्र साहू की तलाश जारी है।
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