मीरगंज। मीरगंज-सिंधौली मार्ग पर नगरिया कल्यान स्थित फाटक संख्या 378/बी शुक्रवार को सुबह से ही रेलपथ की ओवरहॉलिंग के कारण पूरी तरह बंद रहा। फाटक बंद होते ही सुबह से ही यातायात व्यवस्था चरमरा गई। जानकारी होने के बाद भी मिल प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन ने इससे निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। वाहनों को डायवर्ट नहीं किए जाने से आम लोगों को भी परेशानी हुई। वे तीन से चार घंटे तक जाम से जूझते रहे।
धामपुर शुगर मिल का मुख्य मार्ग होने के चलते गन्ने से लदे ट्रक, ट्राला, ट्रैक्टर-ट्राॅली हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी कतारों में फंस गए। नेशनल हाईवे पर भी वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी हो गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एंबुलेंस और स्कूल के छात्र भी लंबे जाम में फंसे रहे, जिससे अभिभावक और आमजन बेहद परेशान हुए। कई जगह वाहन घंटों तक रेंगते देखे गए। चीनी मिल में भी गन्ने की कमी के चलते मिल को धीमी गति से चलाया गया।
ओवरहॉलिंग संबंधी नोटिस रेलवे द्वारा पहले ही क्रॉसिंग पर चस्पा कर दिया गया था, ताकि लोग समय से जानकारी प्राप्त कर सकें। सीनियर सेक्शन इंजीनियर बरेली ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शुक्रवार सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक फाटक को बंद रखने की सूचना दी थी। रेलवे ने यातायात को राहत देने के लिए फाटक 377/सी और फाटक 379/एम को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करने की सलाह दी थी। लोगों का कहना था कि मिल प्रशासन और पुलिस-प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की। अगर पहले से व्यवस्था होती तो यह परेशानी नहीं होती। घंटों जाम में जूझने के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम सजग हुई। वाहनों को डायवर्ट कर जाम खुलवाया। संवाद
इस मामले में जानकारी नहीं है। प्रभारी निरीक्षक से बात करूंगा। चीनी मिल के कर्मचारियों को बुलाकर बैठक करूंगा कि जाम क्यों लग रहा है। इसके लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।
- अजय कुमार, सीओ, मीरगंज