बरेली/ फतेहगंज पूर्वी। रेल क्रॉसिंग हुलास नगरा पर सुबह बड़ा हादसा टल गया। बूम को तोड़कर भाग रहा ट्रक चालक ट्रेन की चपेट में आने से बच गया। गनीमत रही कि दुर्गियाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के लोको पायलट ने मौके पर ट्रेन की स्पीड कम कर दी, नहीं तो ट्रक के चालक सहित परखच्चे उड़ जाते। उधर, बूम टूटने से सिग्नल सिस्टम ठप हो गया, जिसके कारण क्रॉसिंग के दोनों ओर वाहनों का जाम लग गया। दो घंटे के बाद ट्रैफिक को पुन: चालू किया जा सका। दुर्गियाना एक्सप्रेस के अलावा आधा दर्जन ट्रेनों को पीछे के स्टेशनों पर रोका गया। सिग्नल सिस्टम ठीक होने तक ट्रेनों को कॉशन पर गुजारा गया। यहां बता दें कि इस महीने हुलास नगरा क्रॉसिंग पर बूम टूटने की यह तीसरी दुर्घटना है।
कोलकाता से अमृतसर जा रही दुर्गियाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस को गुजारने के लिए करीब छह बजे गेटमैन ने हुलासनगरा रेल क्रॉसिंग का बूम गिराया हुआ था। ठीक उसी समय शाहजहांपुर से बरेली की ओर तेज गति से आ रहे ट्रक के चालक ने क्रॉसिंग में टक्कर मार दी, जिससे बूम टूट गया और ट्रक पटरियों के बीच में जाकर रुक गया। बूम की टक्कर से क्रॉसिंग पर लगा सिग्नल सिस्टम फेल हो गया और सभी सिग्नल लाल हो गया। उसी समय शाहजहांपुर की ओर से आ रही दुर्गियाना के चालक ने लाल सिग्नल देखकर ट्रेन की स्पीड को कम करते हुए उसे क्रॉसिंग से ठीक पहले रोक लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा था कि यदि लोको पायलट ने समय से ट्रेन न रोकी होती तो ट्रक के परखच्चे उड़ जाते। हादसे के बाद भाग रहे ड्राइवर को सुरक्षा कर्मियों, रेलकर्मियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद ट्रक को ट्रेक से हटाकर कॉशन पर दुर्गियाना सहित अन्य ट्रेनों को गुजारा गया।
इस दौरान क्रॉसिंग के दोनों ओर वाहनों का जाम लगना शुरू हो गया। क्रॉसिंग पर पहुंची इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद टूटे बूम की मरम्मत की। उसके बाद क्रॉसिंग से यातायात को गुजारा जा सका। सुबह दस बजे तक ट्रेनों के गुजरने से बार-बार बंद होेने वाले क्रॉसिंग से जाम लगता रहा।