बरेली। काशीपुर स्टेशन पर फर्जी टिकट बेचने के आरोपी क्लर्क पर विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच 15 दिन में पूरी होगी, जिसके बाद क्लर्क पर कड़ी कार्रवाई होना तय है। फिलहाल आरोपी क्लर्क अभी जेल में है।
सूत्रों का कहना है कि इस काम में क्लर्क अकेला शामिल नहीं हो सकता। मंगलवार को कमर्शियल अनुभाग की एक टीम काशीपुर पहुंची और चीफ बुकिंग सुपरवाइजर (सीबीएस) से भी पूछताछ की। देर शाम तक कई कर्मचारियों से अलग-अलग समय पर बात हुई, कुछ सुराग भी मिले हैं। जांच 15 दिन में पूरी होगी। यह क्लर्क किन-किन स्टेशनों पर तैनात रहा, वहां भी टीम जाएगी।
गौरतलब है कि 12 अगस्त को आरपीएफ विजिलेंस इंस्पेक्टर मयंक चौधरी ने काशीपुर स्टेशन पर फर्जी टिकट निकालने के आरोपी क्लर्क प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उसके पास से अतिरिक्त कैश भी बरामद हुआ था। टीम ने औपचारिक कार्रवाई के बाद क्लर्क बाबू को जेल भेज दिया था। यह क्लर्क 2016 में गंज डुंडवारा में भी रिजर्व टिकट की कालाबाजारी में जेल जा चुका है। इज्जतनगर रेल मंडल की सीनियर डीसीएम नीतू ने बताया कि जांच शुरू हो गई है।