बरेली। इज्जतनगर मंडल के कमर्शियल अनुभाग ने साथी कर्मचारी की मां के अंतिम संस्कार में जाने पर करीब 16 कर्मचारियों को नोटिस थमा दिया है। ताज्जुब की बात यह है कि नोटिस में उस कर्मचारी का भी नाम शामिल है जिसकी मां का निधन हुआ है। विभागीय अधिकारियों ने जारी नोटिस पर सात दिन में जवाब मांगा है। मामला गोरखपुर मुख्यालय पहुंच जाने पर अधिकारियों को भी अब जवाब देते नहीं बन रहा। वहीं रेलवे की यूनियनों ने भी इस नोटिस के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
पिछले सप्ताह मंडल के कमर्शियल अनुभाग के एक ओएस (आफिस सुप्रिटेंडेंट) की मां का निधन हो गया था। दोपहर में उनका अंतिम संस्कार सिटी श्मशान भूमि पर किया जाना था, जिसमें आफिस के अन्य कर्मचारी भी शामिल हुए थे। इसके लिए कुछ कर्मचारियों ने छुट्टी ले ली थी, जबकि अन्य कर्मचारियों को विभागीय अधिकारियों ने एक साथ छुट्टी पर जाने से मना कर दिया था। बावजूद इसके मानवता के नाते करीब 16 कर्मचारी अपने साथी की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने चले गए थे और बाद में कार्यालय भी लौट आए थे।
कमर्शियल अनुभाग के अधिकारियों ने इसे अवमानना मानते हुए बिना अनुमति के शामिल हुए करीब 16 कर्मचारियों को नोटिस थमा दिया है। इसमें खास बात यह है कि दिए गए नोटिस में ओएस का नाम भी शामिल है जिनकी मां का निधन हुआ था। इसको लेकर कमर्शियल अनुभाग के स्टाफ में आक्रोश है।
बताया जा रहा है कि रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी कर्मचारी के घरवाले के निधन पर उसे छुट्टी न दी जाए। नोटिस का मामला पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर तक पहुंच गया है। अब नोटिस जारी करने वाले अधिकारियों को भी जवाब देते नहीं बन रहा है। फिलहाल कर्मचारियों को नोटिस का सात दिन में जवाब देना है। मंडल की अनेक यूनियन ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने नोटिस वापसी न लिए जाने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। कमर्शियल अनुभाग के सूत्रों का कहना है कि यह विभागीय मामला है, पूरा आफिस खाली हो गया था, इसलिए कार्रवाई करनी पड़ी है। सभी कर्मचारियों एक परिवार है।