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एक सप्ताह नहीं, ढाई महीने गुजर गए नहीं आई जांच रिपोर्ट

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बरेली। जंक्शन के आउटर सिगनल के पास पटरी फैलने से उतरे मालगाड़ी के चार पहियों की जांच रिपोर्ट ढाई महीने बाद भी नहीं आई है। जिससे अभी दोषी अनुभाग के कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि मुरादाबाद डिवीजन के एडीआरएम जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए थे।
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रेलवे डेढ़ साल से पटरियों और स्लीपरों को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। इसके बाद भी मानवीय भूलों के कारण हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। 27 अप्रैल शाम सात बजे को मालगाड़ी के चार पहिए पटरी से उतर गए थे जिससे डाउन लाइन (मुरादाबाद से लखनऊ रूट) का रेल ट्रैफिक बाधित हो गया था। मालगाड़ी हादसे से कुछ ही मिनट पहले नई दिल्ली से राजगीर जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस उन्हीं पटरियों से थी। अचानक मालगाड़ी के पटरी उतरने ने मुरादाबाद मंडल में हड़कंप मच गया था। एडीआरएम अश्विनी कुमार ने जांच के आदेश दे दिए। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट भेजने के बाद दोषियों पर कार्रवाई का भी आश्वासन दिया था। लेकिन ढाई महीने के बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में मंडलीय अधिकारियों ने भी उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। गौरतलब है कि पटरी से पहिये उतरने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने पहिए उतरने का कारण प्वाइंट न बनना बताया था। रेल के जानकारों का कहना था कि प्वाइंट न बनने से इंजन का एक साइड का पहिया पटरी से उतरता है, आगे के दो पहिये और साइड के पहिये नहीं उतरते हैं। जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने भी इस मामले में मंडलीय अधिकारियों को भी अवगत करा दिया था। इस संबंध में एडीआरएम से बात नहीं हो सकती थी।
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