पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ की ऐतिहासिक उपलब्धि
बरेली। अब रेलवे बोर्ड मेडिकल ग्राउंड पर जारी होने वाले रेलवे पास में माता-पिता का भी नाम लिखेगा। अब तक केवल बच्चे का पास बनता था, माता-पिता को साथ जाने के लिए अलग से पास बनवाना होता था। बोर्ड के नए नियम से रेल कर्मियों को राहत मिली है। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ ने इसे भारतीय रेलवे मजदूर संघ की उपलब्धि बताया है।
अब तक रेलवे शहर से बाहर कर्मचारी के बच्चे का इलाज कराने के लिए मेडिकल ग्राउंड पर अलग से पास जारी करता था। बच्चे के साथ माता-पिता को जाने के लिए कर्मचारी को अलग से पास बनवाना होता था। बच्चे का पास बनवाने के बाद कर्मचारी को पास बनवाने के लिए तीन-चार दिन का समय लगता था। कर्मचारियों के लिए यह दिक्कत लंबे समय थी। इस मुद्दे को भारतीय रेलवे मजदूर संघ ने कई बार उठाया।
अब रेलवे बोर्ड ने नया आदेश जारी किया है, जिसमें बच्चे के मेडिकल ग्राउंड पर बने पास पर माता-पिता का भी नाम अंकित होगा, जिससे उन्हें दोबारा पास बनवाने की जरूरत नहीं होगी। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ ने इसे अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। श्रमिक संघ के सहायक महामंत्री जेएस भदौरिया ने कहा कि बोर्ड के नए नियम से रेल कर्मियों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि श्रमिक संघ कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को अधिकारियों से मिलकर हल कराता रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे सात प्रोडक्शन यूनिट का निजीकरण किसी भी दशा में नहीं होगा। उन्होंने आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है।