बरेली। पीलीभीत-मैलानी रेल सेक्शन के आठ किलोमीटर वन क्षेत्र में ब्राडगेज लाइन जल्द बिछने की संभावना है। माला रेंज के अधिकारियों ने इस सेक्शन का निरीक्षण किया। वन विभाग की अनुमति न मिलने से इज्जतनगर रेल मंडल ब्राडगेज लाइन नहीं बिछा पा रहा है। इससे पीलीभीत से मैलानी तक ट्रेनें नहीं चल पा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अधिकारियों ने टाइगर रिजर्व के माला रेंज का निरीक्षण किया और रेल लाइन बिछाने की संभावनाओं को परखा। अब वन और रेलवे विभाग के अधिकारियों के बीच वार्ता होगी। इसके बाद ब्राडगेज लाइन बिछाई जाएगी। गौरतलब है कि माला रेंज का आठ किलामीटर वन क्षेत्र वन्यजीवों के लिए बेहद सुरक्षित माना जाता है। इस हिसे में कई बार जानवरों की ट्रेन से कटकर मौत हो चुकी है। इधर रेलवे ने भोजीपुरा से मैलानी तक ब्राडगेज लाइन बिछाने का काम शुरू किया। पीलीभीत तक ब्राडगेज होने के बाद काम आगे बढ़ा तो वन विभाग ने अंडर पास बनाने की शर्त रख दी। वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि ब्राडगेज बनने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, इससे जानवर असुरक्षित हो जाएंगे। अंडरपास बनाने के बाद आठ किलोमीटर क्षेत्र में बैरिकेडिंग भी लगानी पड़ती। रेलवे इतना खर्च उठाने का तैयार नहीं हुआ। अब दोनों विभागों में वार्ता के बाद लाइन बिछने की संभावना है। इज्जतनगर रेल मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।