बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे आरोपी राहुल पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस से उसे छुड़ाने के लिए कई रसूखदारों ने पैरवी की। एसएसपी व सीएमओ के हस्तक्षेप से उसे जेल भेजा जा सका।
मुड़िया अहमदनगर निवासी राहुल पटेल 22 सितंबर से हत्या की कोशिश के मामले में फरार था। पूर्व इंस्पेक्टर व पुलिस से करीबी के चलते उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। एसएसपी अनुराग आर्य ने इज्जतनगर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय को गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
पुलिस ने शनिवार रात एकतानगर के मोबाइल शोरूम से उसे गिरफ्तार कर लिया। राहुल को लेकर पुलिस थाने नहीं पहुंच पाई थी कि कई रसूखदारों के फोन इंस्पेक्टर से लेकर अधिकारियों के पास उसकी सिफारिश में पहुंचने लगे। दबाव दरकिनार कर पुलिस ने उसे रिकार्ड में दाखिल कर लिया।
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डॉक्टर से उलझना पड़ा, एसएसपी ने सीएमओ से की बात
पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर राहुल का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने पर वहां तैनात एक डॉक्टर ने राहुल को सांस से पीड़ित व हाइपरटेंशन रोगी बताकर रिपोर्ट बना दी। अच्छे भले युवक की ऐसी रिपोर्ट से जमानत मिलने की पूरी उम्मीद थी। तब इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से उनकी तकरार हुई। डॉक्टर के रवैये से हैरान इंस्पेक्टर ने एसपी सिटी और एसएसपी को फोन पर स्थिति बताई। एक आरोपी के इतने प्रभावशाली होने से चौकन्ने अफसरों ने सीएमओ से बात की। तब राहुल की मेडिकल रिपोर्ट दुरुस्त की जा सकी। कोर्ट में वकीलों की टीम राहुल की पैरवी में खड़ी मिली। हालांकि मजबूत साक्ष्यों को पहले ही जुटाए बैठी पुलिस की दलील हावी रही और कोर्ट ने आरोपी तो जेल भेज दिया। अमर उजाला ब्यूरो