बरेली। शहर में बुधवार को राधा अष्टमी धूमधाम से मनाई गई। मंदिरों में महिलाओं ने मंगल गीत गाए। घरों में भी श्री राधा की पूजा-अर्चना की गई। मान्यता है कि राधा रानी की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाते हैं। इस बार कोरोना महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के साथ राधा अष्टमी उत्सव मनाया गया।
श्री कृष्ण के जन्म के 15 दिन बाद राधा जी का जन्म हुआ। इस दिन को राधा अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। हरि मंदिर में श्रीराधा कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराकर उनका शृंगार किया गया। पूजा-अर्चना के बाद सर्वोत्तम व्यंजनों का भोग लगाकर धूप, दीप, पुष्प आदि से आरती उतारी गई। इसके बाद श्री हरि मंदिर की महिला संकीर्तन मंडली ने बधाई गीत गाए। इनमें संकट हरेगी करेगी भली वृषभानु की लली, बजाओ राधानाम की ताली, फूलों से सज रही है वृषभानु की दुलारी, राधा तू बड़भागिनी कौन तपस्या कीन, तीन लोग तारन तरन जो तेरे आधीन आदि भजन गाए और भक्ति में डूबकर नृत्य किया।
श्री सनातन धर्म मंदिर में सुबह नौ बजे से राधा अष्टमी मनाई गई। मंदिर कमेटी ने छप्पन भोग से राधा और श्रीकृष्ण का भोग लगाया। महामंत्री संजीव चांदना, राकेश नरुला, नरेंद्र गुप्ता, ब्रजमोहन कक्कड़, अजय अरोरा, उमेश धमीजा आदि ने सभी को राधा अष्टमी की बधाई दी। कार्यक्रम में भावना सपड़ा, नीलम कोचर, मीरा सेठी, सुषमा सपड़ा आदि ने भजन सुनाए। श्री बांके बिहारी मंदिर में पुजारी ने राधा और कृष्ण जी को भोग लगाकर राधा अष्टमी मनाई। हर मिलाप शिव शक्ति मंदिर में राधा रानी के भजन गाए गए। भजन गायक जगदीश भाटिया ने भजनों से भक्तों को भाव विभोर कर दिया। इस अवसर पर पुजारी राहुल मिश्र, राम सेठी, डॉ. बलराम अरोरा आदि उपस्थित थे। इनरव्हील क्लब मरकरी की वंदिता शर्मा, अनीता गोयल, सुधा सक्सेना, रचना सक्सेना, हेमा, सुनीता, रुचि, नंदा अग्रवाल आदि ने धूमधाम से राधा अष्टमी मनाई।