बरेली। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य केंद्र से जारी क्यूआर कोड पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिलने से गर्भवतियों की हायर सेंटर तक दौड़भाग थम रही है। बीते छह माह में 12,115 गर्भवतियों ने योजना का लाभ लिया। जो लक्ष्य के सापेक्ष करीब 70 फीसदी है।
गर्भवतियों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में ही है। इसके अलावा किसी भी सीएचसी, पीएचसी पर जांच की सुविधा न होने से गर्भवतियों को इन अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे थे।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक बीते वर्ष शासन ने गर्भवतियों को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए। इसके तहत नजदीकी सीएचसी की ओर से जारी क्यूआर कोड पर स्थानीय संचालित निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर निशुल्क जांच की सुविधा शुरू हुई। इसका भुगतान शासन स्तर से मासिक किया जाता है। इसकी जानकारी न होने से शुरुआत में योजना सुस्त रही। अब तेजी आने लगी है।
कहां कितनी गर्भवतियों की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मीरगंज में 762, भमोरा में 607, बिथरी चैनपुर में 201, बहेड़ी में 582, नवाबगंज में 512, फतेहगंज पश्चिमी में 931, मझगवां में 1,312, रामनगर में 1,286, दलेलनगर में 1,260 गर्भवतियों ने जांच कराई। वहीं, शेरगढ़ में 702, क्यारा में 850, फरीदपुर में 956, मुड़िया नवी बक्श में 532, कुआडांडा में 419, नगर में 1,038, भोजीपुरा में 165 गर्भवतियों ने योजना का लाभ लेकर निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच कराई। अमर उजाला ब्यूरो