बरेली। शहर का रवींद्र नाथ टैगोर इंटर कॉलेज 130 साल से अधिक पुराना है। इसकी नींव साल 1896-97 में रखी गई थी, जो आजादी से पहले के दौर की गवाही देती है। यह शिक्षण संस्थान लंबे समय से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है और इसका नाम पहले रुक्स हायर सेकेंड्री स्कूल था।
शिक्षक श्रीधर शुक्ला ने बताया कि स्कूल को साल 1932 में माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल की मान्यता मिली थी। आजादी से पहले ही यह बरेली के छात्रों को शिक्षित कर रहा था। साल 2000 में तत्कालीन सीओ भावना सिंह ने इसकी पुरानी इमारत को तोड़कर नई बिल्डिंग बनवाने का काम शुरू करवाया। इस दौरान रुक्स के इतिहास की खोज की गई, लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिली। इसके बाद स्कूल का नाम बदलने का निर्णय लिया गया। शिक्षा के क्षेत्र में रवींद्र नाथ टैगोर के बड़े योगदान को देखते हुए साल 2001-02 में इसका नाम बदलकर रवींद्र नाथ टैगोर इंटर कॉलेज रखा गया। श्रीधर के अनुसार, पुरानी चर्चाओं में यह भी माना जाता है कि कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी यहां आते-जाते थे। आज भले ही पुरानी इमारत नहीं है, लेकिन इसकी पहचान यादों में जीवित है।
प्रधानाध्यापकों की लंबी विरासत
आजादी के बाद से यहां तैनात रहे प्रधानाध्यापकों की सूची प्रिंसिपल कार्यालय में मौजूद है। यह सूची स्कूल के पुराने इतिहास को दर्शाती है। साल 1948 से 1952 तक मोहसिन अली यहां के पहले प्रधानाध्यापक रहे। उनके बाद एल.डी रॉसन ने 1952 से 1971 तक कार्यभार संभाला। आजादी के बाद से अब तक यहां 10 प्रिंसिपल बदल चुके हैं। वर्तमान में वंदना मिश्रा साल 2024 से इस कॉलेज की प्रधानाध्यापक की भूमिका निभा रही हैं। यह कॉलेज बरेली के शैक्षिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।