बरेली। भाजपा महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा के नेतृत्व में गठित दस सदस्यीय टीम की कुतुबखाना पुल निर्माण को लेकर प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सदर कोतवाली से कोहाड़ापीर तक सड़क के दोनों ओर के व्यापारी नहीं चाहते हैं कि पुल का निर्माण हो लेकिन इन्हीं सड़कों पर अंदर की सड़कों पर बैठे कारोबारी और आम जनता पुल निर्माण के पक्ष में है। जनता ने यह भी कहा है कि पुल निर्माण से दुकानदारों कोई आर्थिक नुकसान नहीं होना चाहिए।
रविवार को सांसद संतोष गंगवार, मेयर डॉ. उमेश गौतम के साथ हुई व्यापारियों की हुई वार्ता के बाद भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा को सर्वे का जिम्मा सौंपा गया था। कहा था गया कि दो अक्तूबर तक पुल का निर्माण नहीं होगा। इस बीच सर्वे कर लिया जाए। वह व्यापारियों से संपर्क करें और पता लगाएं कि पुल के पक्ष व विपक्ष में कितने लोग हैं। इसे लेकर महानगर अध्यक्ष ने दस सदस्यों की टीम गठित की और सर्वे शुरू कर दिया। मंगलवार को उन्होंने इसकी एक प्रारंभिक रिपोर्ट भी दे दी है। उनका कहना है कि सदर कोतवाली से कुतुबखाना के रास्ते कोहाड़ापीर तक पुल निर्माण का काम होना है। इसी मार्ग पर सड़क के दोनों ओर जिन व्यापारियों की दुकानें हैं, वह इस पुल निर्माण के विरोध में हैं, जबकि इन्हीं सड़कों से जुड़ी हुई अंदर जा रही सड़कों के दुकानदार पुल निर्माण के पक्ष में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पुल के विरोध का प्रतिशत 40 लोग आ रहे है और पुल के पक्ष में 60 फीसदी लोग खड़े हैं। इस सर्वे की अंतिम रिपोर्ट बुधवार तक तैयार हो जाएगी।
व्यापारियों ने भाजपा महानगर अध्यक्ष से की मुलाकात
भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा से व्यापारियों ने मंगलवार को मुलाकात की। व्यापारियों ने कहा कि जब दो अक्तूबर तक किसी प्रकार को कोई काम पुल को लेकर नहीं होगा तब नपाई क्यों हो रही है। उनसे कहा कि दो अक्तूबर तक यह कार्य न हो। इस दौरान महानगर अध्यक्ष ने कहा कि इस संबंध में वह वार्ता करेंगे। वह व्यापारियों के साथ हैं।
अतिक्रमण के जरिए व्यापारियों पर दबाव बनाया
नगर निगम की ओर से कुतुबखाना पुल को लेकर सड़क की नपाई सोमवार को कराई गई। नपाई में सामने आया है कि दुकानों के बाहर बने बरामदे अतिक्रमण की जद में हैं। कहीं पर तीन फुट का अतिक्रमण है तो कहीं पर पांच फुट का। स्मार्ट सिटी कंपनी के सीजीएम भूपेश कुमार सिंह का कहना है कि दुकानें फ्रीहोल्ड हैं लेकिन बरामदे की जगह नहीं। ऐसे में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पाया गया है। जल्द ही इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में व्यापारियों ने कहा है कि जो भी अतिक्रमण कर रहे हैं उन पर निगम जुर्माना लगाए।
व्यापारियों ने भेजा कमिश्नर को पत्र, कहा अगली वार्ता तक अव्यवस्था न फैलाएं कर्मचारी
व्यापारियों ने कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे पत्र भेजा है। कहा है कि जनप्रतिनिधियों व उनके बीच सफल वार्ता हुई। तय हुआ कि व्यापारियों की सहमति व सहयोग के बिना कोई कार्य नहीं होगा लेकिन सोमवार को कुछ कर्मचारी व अधिकारी यहां आकर नापजोख करने लगे। वह माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जब तक व्यापारियों के साथ दूसरी बैठक या वार्ता नहीं हो जाती और सर्वे पूरा नहीं हो जाता तब तक ऐसे कार्य नहीं करवाए जाएं। व्यापारियों ने इसको लेकर सीएम को भी पत्र भेजा है।
वर्जन
कुतुबखाना पुल की प्रारंभिक रिपोर्ट मिली है। मुख्य मार्ग वाले व्यापारी पुल नहीं चाहते। वहीं कई अन्य कारोबारी व जनता पुल की मांग कर रही है। पुल की यहां आवश्यकता है। सर्वे की रिपोर्ट एक-दो दिन में फाइनल हो जाएगी। फिलहाल यह सामने आया है कि 60 फीसदी लोग पुल निर्माण के पक्ष में हैं और 40 फीसदी लोग पुल के विरोध में हैं।
-- डॉ. केएम अरोड़ा, महानगर अध्यक्ष भाजपा