एजाजपुर और एजाजपुर गौंटिया में बगैर सूचना गायब थे कोटेदार
बरेली। लॉकडाउन में भी कोटेदार राशन वितरण में घपलेबाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। वैसे तो एक अप्रैल से ही कोटे की दुकानों पर कम राशन देने और कालाबाजारी की शिकायतें आ रही थी, लेकिन बुधवार को डीएम ने छापा मारा तो कोटे की दुकानें बंद मिलने से वह दंग रह गए। उन्होंने डीएसओ से इन सभी कोटेदारों की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। ये भी पूछा है कि इन कोटेदारों ने कितना राशन उठाया और अब तक कितना बांटा।
गरीबों की मदद के लिए शासन ने लॉकडाउन में करीब एक लाख अंत्योदय कार्डधारकों के साथ पात्र गृहस्थी के मजदूर कार्ड धारकों को मुफ्त में राशन देने की घोषणा की थी, लेकिन एक अप्रैल से वितरण शुरू होने के साथ ही घपलेबाजी की तमाम शिकायतें आनी शुरू हो गईं। कार्ड धारकों का कहना था कि कोटेदार पूरा राशन नहीं दे रहे। इसके अलावा कार्ड भी बिना वजह निरस्त कर दिए गए। मंगलवार को डीएम नितीश कुमार एजाजनगर और एजाजनगर गौंटिया में कोटे की चार दुकानों पर पहुंचे, तो दुकानें बंद देेखकर दंग रह गए। कोटे की दुकानों के बाहर यह नोटिस भी नहीं था कि दुकान बंद क्यों है और वे किस काम के लिए गए हुए हैं। डीएम व उनके स्टाफ ने आसपास के लोगों से भी कोटेदारों के बारे में जानकारी ली लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है। डीएम नितीश कुमार ने डीएसओ सीमा त्रिपाठी को निर्देश दिए कि वह कोटे की सभी दुकानों को चेक करें कि कोटेदारों ने कब और कितना उठान किया था और उनके अब तक के वितरण की क्या स्थिति है? डीएम का कहना है कि वितरण में खामी या गड़बड़ी मिली तो कोटेदारों पर सीधे एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
15 अप्रैल के बाद पांच किलो और राशन मिलेगा
अंत्योदय सहित कई आठ लाख राशनकार्ड धारकों को 15 अप्रैल के बाद प्रत्येक कार्ड पर पांच किलो और राशन दिया जाएगा। इसके लिए कोटेदारों को सरकारी अनाज गोदामों से उठान की तैयारी शुरू करा दी गई है। इसकी निगरानी के लिए टीमें बनाई जा रही हैं।
‘डीएम के निरीक्षण में कोटे की कई दुकानें बंद मिली हैं। इसकी जांच कराई जा रही है कि उन्होंने कितना वितरण किया है और उनका कितना उठान किया था।’
- सीमा त्रिपाठी, डीएसओ