रामसेवक ने आरोप लगाया कि उनके पिता महेंद्र की मौत बीमारी से नहीं हुई बल्कि कुछ राजनीतिक लोगों ने जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर उनकी हत्या कराई है। महेंद्र की मौत होने के काफी देर बाद जेल प्रशासन ने सूचना दी। डीएम ने शिकायत पर मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे। मामले की मजिस्ट्रेट शुरू हो गई है और जरूरी साक्ष्य संकलन किए जा रहे हैं।
कार्यालय में आकर दर्ज कराएं बयान
अपर जिला मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति महेंद्र की मौत के मामले में महत्वपूर्ण जानकारी रखता है या कुछ कहना चाहता है तो वह मेरे कार्यालय में आठ दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच आ सकता है। किसी भी कार्य दिवस में वह उपस्थित होकर बयान दर्ज करा सकता है।