इन पेशेवर लोगों ने अधिग्रहण की पहली अधिसूचना के बाद बरेली-सितारगंज हाईवे के किनारे उन्हीं गाटा संख्या की जमीन खरीदी थी, जिनका अधिग्रहण होना था। अब पता यह लग रहा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे पर भी भूमि के सौदे किए हैं। बैनामे भी अधिसूचना जारी होने के बाद कराए गए हैं। अगर पहली अधिसूचना के बाद हुए बैनामों की छानबीन होती है तो ऐसे लोगों के नाम खुल सकते हैं।
चार बीघा जमीन हाईवे के एलाइनमेंट के दायरे में आई थी। सर्किल रेट के अनुसार पांच लाख रुपये प्रति बीघा जमीन की कीमत थी, लेकिन कमीशन नहीं देने की वजह से लेखपाल ने ढाई लाख रुपये बीघा जमीन की कीमत लगाई। - अब्दुल रहीम
हाईवे के दायरे में एक एकड़ जमीन आई थी। लेखपालों ने जमीन की कीमत सर्किल रेट के आधार पर नहीं आंकी और मुआवजा 41 लाख रुपये प्रति एकड़ दिया गया। जबकि सर्किल रेट के अनुसार 72 लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए था। - एजाज अहमद
लेखपालों ने सर्वे के दौरान सर्किल रेट के आधार पर जमीन की कीमत नहीं आंकी। सात बीघा जमीन एलाइनमेंट के दायरे में आई थी। इस पर 11 लाख रुपये मुआवजा मिला। जबकि, सर्किल रेट के अनुसार भूमि की कीमत 42 लाख रुपये बन रही है। - समीम खां