बरेली। आला हजरत दरगाह खानदान के काजी-ए-हिंदुस्तान असजद मियां के दामाद व जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खां गंभीर आरोपों में फंस गए हैं। इस्लामिया इंटर कॉलेज के शिक्षक डॉ. मेहंदी हसन समेत पांच लोगों के खिलाफ लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार जावेद अली खान ने बंधक बनाकर रखने, तमंचे से फायर करने, पीटने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाकर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बारादरी थाना क्षेत्र के फाइक एन्क्लेव निवासी जावेद अली खान ने रिपोर्ट में कहा है कि 17 अप्रैल को दरगाह आला हजरत के सेवादार बख्तियार ने फोन कॉल करके उन्हें दरगाह गेस्ट हाउस बुलाया। उससे कहा कि सलमान मियां कुछ जरूरी बात करना चाहते हैं। जावेद अपने सरकारी गनर माहिर अली खान के साथ दोपहर दो बजे दरगाह गेस्ट हाउस पहुंचे। उनका गनर नीचे रुका गया। जावेद को कमरा नंबर 101 में ले जाया गया।
वहां सलमान मियां, इस्लामिया इंटर कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मेहंदी हसन और इकरार उर्फ दन्नी पहले से मौजूद थे। ठेकेदार जावेद का आरोप है कि कमरे में घुसते ही सलमान मियां ने भड़कते हुए गालीगलौज शुरू कर दी।
तीनों ने मिलकर लात-घूंसों से हमला कर दिया। सलमान ने धारदार हथियार से हमला किया। इकरार उर्फ दन्नी ने तमंचा निकालकर उनकी कनपटी पर रखकर चला दिया। मिस फायर होने से उनकी जान बच गई।
कोतवाली पुलिस ने जावेद की तहरीर पर सलमान मियां, डॉ. मेहंदी, इकरार उर्फ दन्नी, बख्तियार, कमरान के खिलाफ बंधक बनाने, पीटने, जान से मारने की धमकी देने, अपमान करने और हत्या की कोशिश की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं सलमान मियां ने अपने आरोपों को निराधार बताया है।