सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के धर्मगुरु काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी को अरब मुल्क के रियाद में हिरासत में लिया गया है। साथ ही हिंदुस्तान से उनकी रिहाई की मांग भी उठने लगी है।
काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद मियां इन दिनों उमरा पर गए हैं। वहां से रियाद गए, जहां वो एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग ले रहे। उसी दौरान वहां की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर हिरासत में ले लिया। इधर दरगाह से मिली जानकारी के अनुसार, असजद मियां जब रियाद पहुंचे तो काफी संख्या में अनुयायी उनसे मिलने पहुंच गए। वहां मिलाद शरीफ की महफिल थी। लोगों का कहना है कि खाड़ी में युद्ध के चलते इन दिनों वहां के हालात साजगार नहीं है। प्रशासन को लगा कि शायद कोई विरोध प्रदर्शन का मामला है। इसी शक के बिना पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद वो जिस होटल में ठहरे हुए थे, वहीं लाकर रोक दिया गया और कहीं आने-जाने पर रोक लगा दी गई। अलबत्ता देर शाम तक उन्हें छोड़ने का आश्वासन उन्हें दिया गया है।
इस मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के धर्मगुरु काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी को सऊदी अरब हुकूमत फौरन रिहा करें। सऊदी हुकूमत सुन्नी सूफी बरेलवी उलमा की दमनकारी नीति पर कार्य कर रही है, यही वजह है कि गत रात को सुन्नी धर्मगुरु मुफ्ती असजद रजा खां कादरी को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हिरासत में ले लिया।
मौलाना ने कहा कि सुन्नी बरेलवी उलमा हमेशा सऊदी हुकूमत के निशाने पर रहते हैं। मुफ्ती असजद रजा कादरी ने मिलाद शरीफ के कार्यक्रम में भाग लेकर कोई जुर्म नहीं किया। उन्होंने सऊदी हुकूमत के पदाधिकारियों से पूछा है कि क्या मिलाद शरीफ में भाग लेना जुर्म है? क्या पैगंबरे इस्लाम के नाम पर जश्न मनाना जुर्म है? इस्लाम के नाम पर चलने वाली हुकूमत खुद इस्लाम के वसूलों के खिलाफ काम कर रही है। इससे पहले वर्षों में भी सऊदी अरब ने कई बड़े सुन्नी उलमा को गिरफ्तार किया था।
मौलाना शहाबुद्दीन ने सऊदी हुकूमत को दी ये चेतावनी
मौलाना शहाबुद्दीन ने इस मामले में भारत सरकार के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर प्रसाद को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही ग्रांड मुफ्ती ऑफ इंडिया शेख अबुबकर अहमद (केरला) से बात करके पूरा सूरत-ए-हाल बताया। वहीं सऊदी हुकूमत से मांग करते हुए कहा कि मुफ्ती असजद रजा खां कादरी और उनके साथियों को फौरन रिहा किया जाए, वरना देश के विभिन्न शहरों के साथ नई दिल्ली स्थित सऊदी दूतावास पर धरना प्रदर्शन की रणनीति बनाई जाएगी।