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Bareilly News: दबंगई दिखाने के लिए कार में डाला, फिर रची फिरौती की साजिश

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शराब की दुकान के सेल्समैन को कार में उठाकर ले जाने वाले दबंगों ने बाद में फिरौती वसूलने की साजिश रच डाली। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए कई जतन किए, लेकिन सर्विलांस और सीसी कैमरों से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने न केवल सेल्समैन को मुक्त कराया, बल्कि एक आरोपी को भी दबोच लिया।
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पीड़ित सेल्समैन अभिषेक ने अपने शरीर पर लगे चोटों के निशान दिखाए। बताया कि लात-घूंसों और बेल्ट से आरोपी उसे पीटते रहे। शुरू में उसके परिचित चारों लोगों ने बाइक से कुछ दूरी तक कार का पीछा भी किया था। कार की रफ्तार तेज होने के कारण वह पीछे ही रह गए। इधर, कार सवार लालपुर चौराहा होकर दिल्ली हाईवे की ओर निकले। फिर आरोपियों से ही किसी ने कहा कि आगे टोल प्लाजा है तो कार ट्रेस हो सकती है। तब इन्होंने कार मोड़ ली। कुछ दूर वापस आने के बाद इन्होंने फ्लाईओवर से कार नीचे उतारी। फिर कार रिठौरा की संपर्क रोड पर डाल दी। इस तरह आरोपियों ने टोल बचा लिया। अभिषेक के मोबाइल फोन को वे कभी बंद तो कभी फ्लाइड मोड पर डालते रहे, ताकि उन्हें ट्रेस न किया जा सके।
परिजन बनकर दबंगों से बात करती रही पुलिस
कार और बाइक में साइड लगने की घटना के दौरान एक बाइक पर अभिषेक के परिचित ललित पटेल, दोस्त ओमवीर व चचेरा भाई अमन बैठे थे तो दूसरी बाइक परिचित सुधीर चला रहे थे और अभिषेक पीछे बैठा था। इसलिए घटना के तत्काल बाद ललित व अन्य लोग सीधे इज्जतनगर थाने पहुंच गए। पुलिस को बताकर अभिषेक का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवा दिया। अभिषेक ने बताया कि आरोपियों ने उससे कहा कि तुम एक लाख रुपये मंगाओ। इसके लिए उसे उसका मोबाइल फोन देकर कॉल करने की छूट दे दी। तब अभिषेक ने चालाकी दिखाई और अपना बड़ा भाई बताकर ललित को ही कॉल कर दी। ललित उस वक्त थाने में इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम को घटना के बारे में बता रहे थे। ललित से अभिषेक ने मुसीबत में फंसने और एक लाख रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा। तब इंस्पेक्टर ने भी परिजन बनकर बात की और कहा कि इतनी जल्दी इतने रुपये का इंतजाम कैसे हो पाएगा। तब आरोपियों ने फोन छीन लिया और कहा कि इसकी सलामती चाहते हो तो करना पड़ेगा। फिर उन्होंने फोन फ्लाइट मोड पर डाल दिया।
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कार में डीजल की बदबू, तेल चोर गिरोह की आशंका
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों से जो कार बरामद की गई है, उससे डीजल की बदबू आ रही है। उन्होंने उमाशंकर से उसके बाकी साथियों का नाम-पता पूछा है। अब इन सभी का आपराधिक रिकॉर्ड निकाला जा रहा है। आशंका है कि तेल चोर गिरोह से भी तार न जुड़े हों। ऐसा हुआ तो अलग से कार्रवाई की जाएगी।
उमाशंकर बोला- कार ठीक कराने के लिए मांगे थे रुपये
अपहरण मामले में गिरफ्तार आरोपी उमाशंकर ने सफाई दी कि इनकी बाइक से उनकी कार पर स्क्रेच आ गए थे। उन लोगों ने गुस्से में अभिषेक को उठा लिया था। वह लोग अपनी कार सही कराने के लिए रुपये मांग रहे थे। अपहरण की कोई बात नहीं थी।
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