बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार को ‘पुरुषमेध’ नाटक का मंचन किया गया। मशहूर साहित्यकार दूधनाथ सिंह का लिखा नाटक ‘पुरुषमेध’ हिंदी रंगमंच के उन महत्वपूर्ण नाटकों में है, जो नाटक के पात्र पुरुरवा के संघर्ष को केंद्र में रखकर व्यवस्था और विद्रोह के बीच के तनाव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।
अंबुज कुकरेती और विनायक कुमार श्रीवास्तव निर्देशित नाटक की कथा युवराज पुरुरवा के राज्याभिषेक की तैयारी से शुरू होती है। पुरुरवा परंपरागत राजसत्ता और उन धार्मिक कर्मकांडों को स्वीकार करने से इन्कार कर देता है, जिनमें उसे शोषण और रक्तपात की छाया दिखाई देती है। अभिषेक के लिए आए पुरोहितों विभावक और कश्यप के साथ उसका टकराव इसी वैचारिक संघर्ष को सामने लाता है।
इसी ताने बाने पर यह नाटक पात्रों के माध्यम से आगे बढ़ता है। नाटक में पुरुरवा का चरित्र पंकज कुकरेती, इंद्र का चरित्र संजय सिंह ने बखूबी निभाया। अन्य कलाकारों ने अपनी अपनी भूमिकाओं में बेहतरीन अभिनय किया।
इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, उषा गुप्ता, गुरु मेहरोत्रा, डाॅ. प्रभाकर गुप्ता, डाॅ. अनुज कुमार, डाॅ. शैलेश सक्सेना, डाॅ. रीता शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।