चीता बाइक के सिपाही पहुंचे
राशिद के मुताबिक जब उन लोगों के साथ घटना हुई तो वह काफी घबरा गए। तभी वहां पेट्रोलिंग कर रहे चीता बाइक के सिपाही आ गए। इन्हें घटना बताई तो इन्होंने उन लोगों को सहारा दिया। पहले वह महिला थाने पहुंचे। वहां से उन्हें कोतवाली जाने के लिए कहा गया।
वह कोतवाली गए और तहरीर दी। उन्हें जिला अस्पताल जाने के लिए कहा गया, हालांकि उन्होंने पत्नी की हालत देखकर निजी इलाज कराना बेहतर समझा। रविवार सुबह पत्नी को निजी अस्पताल में कॉलर बोन फ्रैक्चर बताई गई। उनके पैर व शरीर में कई जगह गुम चोटें आई हैं।
मोबाइल झपटने की कोशिश
राशिद के मुताबिक शायद वह लोग जंक्शन से ही लुटेरों की नजर में आ गए थे। टेंपो में बैठकर जा रहे उनके रिश्तेदारों ने बताया कि जैसे ही उनका टेंपो जंक्शन से निकला, पीछे से आए बाइक सवार युवक बराबर में चलने लगे। बताया कि टेंपो में आगे बैठे युवक के हाथ में मोबाइल था। लुटेरे ने उसका मोबाइल झपटने की कोशिश की। हालांकि युवक ने हाथ पीछे कर लिया। राशिद के मुताबिक दोनों घटनाओं में पीछे बैठा युवक टोपी लगाए था।
बीस घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं
राशिद ने बताया कि तहरीर देते वक्त मुंशी ने उनसे कहा था कि आपके पास थाने से कार्रवाई को लेकर कॉल की जाएगी। इसके बाद वह अपनी पत्नी के इलाज में लग गए। घटना को लेकर कोतवाली प्रभारी अमित पांडेय व सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने अनभिज्ञता जताई। कहा कि इस तरह की कोई तहरीर या शिकायत संज्ञान में नहीं है, जानकारी कराकर कार्रवाई की जाएगी।