बरेली। इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति से लोगों की मौत के बाद नगर निगम ने शहर के लोगों के घरों तक शुद्ध जल पहुंचाने के लिए तैयारियों को और तेज कर दिया है। अमृत योजना के तहत 270 करोड़ से आठ वार्डों में नई लाइन बिछाने के साथ ही 32 में क्षतिग्रस्त पाइप लाइन दुरुस्त करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमृत परियोजना 2.0 के अंतर्गत शहर के 76,465 घरों तक शुद्ध जल की आपूर्ति होनी है। 40 से अधिक वार्डों में वर्षों से चली आ रही आंशिक जलापूर्ति की समस्या भी इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद समाप्त होगी। बाकरगंज, कुरैशी नगर, रबड़ी टोला, पुराना शहर के साथ ही अन्य वार्डों में गंदा पानी आने की शिकायत लगातार बनी रहती है।
जल निगम ने वर्ष 2022-23 में शहर के उन क्षेत्रों का सर्वे कराया था, जहां शुद्ध जल नहीं पहुंच रहा है। इसके बाद अमृत 2.0 योजना तैयार की गई। करीब 270 करोड़ रुपये इस योजना के अंतर्गत खर्च होने हैं।
फेस-1 में 19 नए ओवरहेड टैंक, 37 नलकूप, 302.36 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन, 19.47 किलोमीटर राइजिंग मेन और 76465 नए गृह संयोजन शामिल हैं। परियोजना पूरी होने पर सभी 80 वार्डों में निर्बाध जलापूर्ति होगी। संवाद