बरेली। उर्जा राज्यमंत्री कैलाश सिंह राजपूत के सामने जनप्रतिनिधियों ने रविवार को विद्युत निगम के अफसरों की पोल-पट्टी खोली। महापौर उमेश गौतम ने कहा कि अधिकारी न तो जनता की कॉल रिसीव करते हैं, न ही जनप्रतिनिधियों के पत्र का जवाब देते हैं। सुधार न हुआ तो ऐसी कार्रवाई कराएंगे जो प्रदेश में नजीर बनेगी। एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने कहा कि कई बार कहने के बावजूद घर के ऊपर से गुजर रहीं बिजली लाइनों को शिफ्ट नहीं किया गया। राज्यमंत्री ने अफसरों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की हिदायत दी।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की रविवार शाम को कलक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री ने रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति की हिदायत दी। इसी बीच महापौर ने राज्यमंत्री को बताया कि उन्होंने विद्युत निगम को कई पत्र दिए हैं। छह माह बाद भी न तो उनका जवाब मिला, न ही कोई कार्रवाई की गई। उपकेंद्रों पर बैठे अफसर सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। जनता की कॉल तक रिसीव नहीं करते। अगर इसमें सुधार नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे और लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने कहा कि कुछ जगहों पर घरों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। इस बारे में बिजली निगम को जानकारी है। उन्होंने भी अवगत कराया है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। रिश्वत लिए बिना लाइनमैनों की ओर से कनेक्शन नहीं जोड़े जाने का मुद्दा भी उठा। राज्यमंत्री ने मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश से कहा कि अफसरों को हिदायत दें कि वह जनता की कॉल रिसीव कर उन्हें बिजली कटौती से जुड़ी जानकारी दें। फुंके ट्रांसफार्मर को तय समय में सही कराएं। जो भी भ्रष्ट लाइनमैन हैं, उनकी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को दें, ताकि दंडात्मक कार्रवाई हो सके।
पीएम सूर्य घर योजना में न बरतें लापरवाही
राज्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना में लापरवाही न बरती जाए। पात्र आवेदकों के घर पर शीघ्र सोलर पैनल लगवाएं। योजना के तहत छूट भी उपलब्ध कराएं। अफसर इसका सत्यापन भी करें। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसमें सभी अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य रूप से हो। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा व विद्युत निगम के अफसर मौजूद रहे।