बरेली। विधान परिषद की जांच समिति के सवालों पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अफसर कई बार अटके। सही जवाब नहीं दे पाने पर बहेड़ी के अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता को लखनऊ तलब किया गया है।
विकास भवन में तीन की जगह चार बजे समिति के सभापति डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, सदस्य अशोक कटारिया, बृजेश कुमार सिंह प्रिंसू व कुंवर महाराज सिंह ने सवालों की बौंछार शुरू की तो अधिशासी अभियंता यूसी सोनकर निरुत्तर हो गए। पूर्व मंत्री अशोक कटारिया ने पूछज्ञ कि बांसबोझ गांव में 15 जुलाई को ट्रांसफार्मर फुंका तो 23 दिन बाद क्यों बदला गया। तीन बार ट्रांसफार्मर फुंकने के बावजूद क्षमता वृद्धि क्यों नहीं की गई। बहेड़ी के अधिशासी अभियंता के जवाब से समिति संंतुष्ट नही हुई। सभापति ने एसई और एक्सईएन दोनों को लखनऊ तलब किया है। विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने फोन कॉल रिसीव नहीं करने का मामला उठाया। सभापति ने कहा कि यही हाल रहा तो नोटिस देकर सदन में तलब किया जाएगा। दंडात्मक कार्रवाई भी होगी। समिति के उप सचिव प्रताप नारायण द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर उमेश गौतम, विधायक फरीदपुर डॉ. श्याम बिहारी लाल, विधायक नवाबगंज डॉ. एमपी आर्य मौजूद रहे।
सड़क के बीच में लगे हैं खंभे
मेयर उमेश गौतम ने सड़कों के चौड़ीकरण के बाद बीच में खड़े बिजली के खंभों का मामला उठाया। कहा कि कई जगह तो नालियों में खंभे लगे हैं। वहां बारिश में खतरा बढ़ जाता है।
बिजली आपूर्ति के दावों की कलई खुली
जिला पंचायत अध्यक्ष डाॅ. रश्मि पटेल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने लचर आपूर्ति को लेकर हल्ला बोला। सभापति ने सुधार के निर्देश दिए। मुख्य अभियंता राजीव कुमार शर्मा ने कहा- दिसंबर 2023 तक सिस्टम शेड्यूल का पालन कराने लायक स्थिति में आ जाएगा।
11 वर्ष बाद भी नहीं चालू हुआ कनेक्शन
एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने कहा कि 2012 में आलमपुर जाफराबाद के राजपाल ने नलकूप का कनेक्शन मंजूर कराया था। कनेक्शन अभी तक चालू नहीं हुआ पर बिल आ गया।
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2025 तक 1,660 करोड़ रुपये से होगा कायाकल्प : डॉ. जयपाल
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। विधान परिषद की जांच समिति के सभापति डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने प्रेसवार्ता में कहा कि 2025 तक 1660 करोड़ रुपये से जिले की बिजली व्यवस्था का कायाकल्प हो जाएगा। 860 करोड़ रुपये के काम एक वर्ष में पूरे हो जाएंगे। दिसंबर 2023 तक लटक रहे तारों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रीवैंप, बिजनेस प्लान, नगरीय क्षेत्र के विस्तार की योजना, अतिरिक्त बिजनेस प्लान और तार हटाने के लिए विशेष योजना लागू की गई है। आने वाले दिनों में सुधार दिखना चाहिए। अगर अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं करते हैं तो जवाबदेही तय होगी। उन्होंने बताया कि सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले कोई भी चेकिंग नहीं होगी।