बरेली। सांसदों और मंत्रियों के साथ हर वर्ष होने वाली रेलवे के जीएम की वार्षिक बैठक में आगरा फोर्ट एक्सप्रेस के नियमित संचालन समेत बरेली से दक्षिण भारत के लिए ट्रेन शुरू करने की मांग उठती है। इसके बाद मजबूत पैरवी न होने के कारण रेल मंत्रालय और रेेलवे बोर्ड में प्रस्ताव अटक जाते हैं। हालांकि, इस बार आंवला सांसद नीरज मौर्य ने जीएम के साथ बैठक के बाद रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से भी पिछले दिनों मुलाकात कर मामला उठाया था। रेल मंत्री ने उनको आश्वासन दिया है।
बरेली होते हुए आगरा, मथुरा के लिए ट्रेनों की संख्या सीमित है। रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस का संचालन अप-डाउन सप्ताह में तीन-तीन दिन ही होता है। पिछले साल पूर्वोत्तर रेलवे की जीएम सौम्या माथुर के साथ बैठक में बरेली, बदायूं, कासगंज, फर्रुखाबाद, पीलीभीत, मथुरा, फर्रुखाबाद, अल्मोड़ा, आंवला के सांसदों ने कई प्रस्ताव रखे थे। इन प्रस्तावों पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। हालांकि, लालकुआं-जयवंतनगर के बीच ट्रेन के संचालन के लिए समय सारिणी बनाई गई। दक्षिण भारत के लिए चलाई जाने वाली इस ट्रेन को रेलवे बोर्ड की मंजूरी ही नहीं मिल सकी। आगरा फोर्ट के नियमित संचालन के लिए भी हरी झंडी नहीं मिल पा रही है।
बरेली से वाया पीलीभीत, मैलानी, लखीमपुर, सीतापुर होते हुए दिल्ली और लखनऊ के लिए ट्रेनों के संचालन पर पेंच फंसा हुआ है। बदायूं और कासगंज से दिल्ली, लखनऊ के लिए भी ट्रेन का संचालन शुरू नहीं हो सका है। आंवला सांसद की ओर से अब कई प्रस्तावों को लेकर दिलचस्पी दिखाई गई है। मार्च तक कुछ प्रस्तावों को रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। संवाद