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वाह साहब! सड़क के लगे प्लाट का सर्किल रेट जितना, आधे किलोमीटर अंदर वाले का भी उतना

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बरेली। संपत्तियों के सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव से रियल एस्टेट कारोबारियों की धड़कन बढ़ गई है। कॉलोनाइजर्स का कहना है कि तमाम जगहों के सर्किल रेट को लेकर विसंगतियां हैं। सड़क से लगे प्लाट का जितना सर्किल रेट है, आधे किलोमीटर अंदर वालों को भी उतने ही सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप शुल्क जमा करना होगा। कई जगहों तो सर्किल रेट बाजार भाव से कहीं ज्यादा हैं। कहा जा रहा है कि विकास के बजाय अगर रजिस्ट्री की संख्या देख सर्किल रेट बढ़ेंगे तो आवासीय और कामर्शियल प्रॉपर्टी की बिक्री प्रभावित होगी। पब्लिक और बिल्डर्स दोनों को तो नुकसान होगा ही, प्रोजेक्ट भी बाधित हो जाएंगे। ऐसे में किफायती दरों पर आवासीय परियोजनाएं लाने की तैयारी कर रहे बाहरी बिल्डर भी महंगे सर्किल रेट के चलते हिचक रहे है। बिल्डरों का कहना है कि कई शहरों की तरक्की के लिए सर्किल रेट बढ़ाने के बजाय उनकी कीमत कम की गई है। यहां भी इस विकल्प पर गंभीरता से मंथन की जरूरत है। राजस्व बढ़ाने के लिए मनमाने तरीके से स्टांप शुल्क में बढ़ोतरी करने से किसी को कुछ हासिल नहीं होने वाला।
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सर्किल रेट की विसंगतियों से पब्लिक को नुकसान
सर्किल रेट को लेकर रजिस्ट्री विभाग और जिला प्रशासन विसंगतियां ही दूर नहीं कर पा रहा है। इसका खामियाजा पब्लिक पहले ही झेल रही है। मिसाल के तौर पर सिविल लाइंस में मेन रोड के जो सर्किल रेट हैं, वे 500 मीटर की परिधि में भी लागू होते है, जबकि अंदर की संपत्तियों की कीमत मेन रोड के मुकाबले काफी कम हो जाती है। ऐसे में सर्किल रेट बराबर होने से खरीदारों को स्टांप शुल्क में कोई राहत नहीं मिल पाती। सर्किल रेट की यह विसंगति दूर होनी चाहिए। -सुनील गुप्ता, सचिव, क्रेडाई

कई इलाकों के कम होने चाहिए सर्किल रेट
पीलीभीत बाईपास, नैनीताल रोड सहित कई एरिया में सर्किल रेट 15 से 20 हजार रुपये तक हैं। सौ फुटा रोड के पास स्पाइनल इंजरी सेंटर के पास सर्किल रेट करीब 40 हजार प्रति गज है, जबकि यहां कई जमीनों के रेट इससे काफी कम हैं। यही हाल सौ फुटा रोड, पीलीभीत बाईपास के इर्द-गिर्द बसी कॉलोनियों का है। यहां भी सर्किल रेट मनगढंत तरीके से बढ़ा दिए हैं। इन पर पुनर्विचार कर कम करना चाहिए। - पीयूष अग्रवाल, बिल्डर
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सर्किल रेट बिगाड़ रहा आम खरीदारों का गणित
30 लाख से रुपये की संपत्तियों का रिकार्ड इनकम टैक्स विभाग को भेजा जाता है। सर्किल रेट ज्यादा होने सेे दिक्कत यह आ रही है कि अगर कोई व्यक्ति जरूरत के समय संपत्ति को बेचता है तो इनकम टैक्स उसका आकलन सर्किल रेट के आधार पर करेगा। ऐसे में कम रेट में होने के बावजूद उन्हें इनकम टैक्स विभाग की निगाह में आना पड़ता है। -धर्मेंद्र गुप्ता, बिल्डर

बड़ी कंपनियां नहीं ला पा रही बड़ी आवासीय योजनाएं
सर्किल रेट में पहले से ही बेतहाशा बढ़ोत्तरी है। कई बड़ी कंपनियां यहां कम आमदनी वालों के लिए किफायती रेट पर आवासीय परियोजना नहीं शुरू कर पा रही है। कई साल से कोई बड़ी स्कीम के न आ पाने की सबसे बड़ी वजह यही है। सर्किल रेट बढ़ाकर विकास को गति नहीं दी जा सकती। -रमनदीप, अध्यक्ष, क्रेडाई

कालोनियों वालों को महंगा, उसके पास वालों को सस्ता सर्किल रेट
सर्किल रेट एरिया के आधार पर न बनाकर बीडीए से कालोनियां की लिस्ट लेकर तय किए जा रहे हैं। इसमें दिक्कत यह है कि कालोनी से जुड़े जमीन के सर्किल डेढ़ से दो गुने तक का फर्क है। इसकी वजह से अवैध मकान या प्लाट लेने वालों को ज्यादा फायदा मिल रहा है। = हरप्रीत, बिल्डर

सर्किल रेट की बढ़ोत्तरी अभी प्रस्तावित है। इसमेें अभी आपत्तियां ली जा रही हैं। इनकी सुनवाई के बाद ही नए सर्किल रेट को लेकर कोई फैसला होगा। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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