बरेली। फतेहगंज पश्चिमी के स्मैक तस्कर रिफाकत की करीब दस करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जाएगी। इसकी तैयारी कर ली गई है। पिछले दिनों बारादरी पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला अंसार में रहने वाला रिफाकत पहले जरी का काम करता था। बाद में वह अपने चाचा नन्हे लंगड़ा के साथ मिलकर स्मैक की तस्करी करने लगा। मुंबई में जरी के काम की आड़ में वह यहां से मुंबई, दिल्ली और उत्तराखंड तक स्मैक की तस्करी करने लगा। पिछले दिनों बारादरी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब उस पर 15 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस और बीडीए की टीम उसके मार्केट को बुलडोजर से जमीदोज कर चुकी है। जांच में सामने आया है कि स्मैक तस्करी की कमाई से उसने करीब दस करोड़ की संपत्ति बनाई है। इसमें कस्बे में चार-पांच मकान, मार्केट और कृषि भूमि है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि रिफाकत की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्मैक तस्करों के घर दी दबिश, सभी फरार मिले
फतेहगंज पश्चिमी। पुलिस ने मंगलवार देर रात कस्बे में कई स्मैक तस्करों और उनके गुर्गों के यहां दबिश दी लेकिन सूचना लीक हो जाने के कारण कोई भी घर में नहीं मिला। बताया जाता है कि मंगलवार आधी रात को थाना प्रभारी राजेश कुमार ने पुलिस टीम के साथ स्मैक तस्कर रिफाकत के तीन-चार रिश्तेदारों के यहां दबिश दी लेकिन कोई भी घर में नहीं मिला। चर्चा है कि दबिश की सूचना तस्करों तक पहले ही पहुंच चुकी थी। यही वजह रही कि जब पुलिस उनके घर पहुंची तो वहां सिर्फ महिलाएं मिलीं। संवाद
ड्रग माफिया प्रधान के पार्टनर फैयाज
की सीज बिल्डिंग से नोटिस गायब
फरीदपुर। स्मैक तस्करी के मामले में जेल में बंद पढ़ेरा के प्रधान शहीद खां उर्फ छोटे के पार्टनर फैयाज की मार्केट पर चस्पा किया गया सीज करने संबंधी नोटिस गायब कर दिया गया है। चर्चा है कि यह काम उसके सहयोगियों ने किया है। स्मैक तस्कर पढ़ेरा के प्रधान शहीद खां उर्फ छोटे के पार्टनर फैयाज समेत उसके अन्य साथियों को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा था। इसके बाद उनकी संपत्ति चिह्नित कर स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैन्युपुलेटर्स एक्ट (सफेमा) के तहत उसे जब्त कर सील कर दिया गया। इसमें फैयाज का नेशनल हाईवे स्थित बरकाती मार्केट भी शामिल था। इस पर पुलिस ने नोटिस भी चस्पा किया था, लेकिन अब इसे गायब कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि स्मैक तस्करों के साथियों ने ही नोटिस गायब किया है। सीओ सुनील कुमार राय ने बताया कि फरीदपुर इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। नोटिस गायब करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।